Simandhar Impex Ltd ने अपनी तीसरी AGM की घोषणा कर दी है, जो **28 सितंबर, 2026** को होगी। कंपनी बिजनेस विस्तार के लिए उधार लेने की सीमा को **₹500 करोड़** तक बढ़ाने की मंजूरी मांग रही है।
AGM में बड़े बदलावों की तैयारी
Simandhar Impex Ltd ने अपनी तीसरी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के लिए नोटिस जारी कर दिया है। यह मीटिंग 28 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। कंपनी का मुख्य फोकस कर्ज लेने की क्षमता को बढ़ाना है। हाल ही में Parshva Enterprises से अलग होने (demerger) के बाद कंपनी अपनी बिजनेस रणनीति को आक्रामक रूप देने की कोशिश कर रही है।
वित्तीय स्थिति पर एक नजर
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹154.40 लाख का रेवेन्यू दर्ज किया है, जबकि पिछले साल यह शून्य था। वहीं, मुनाफे की बात करें तो कंपनी ने ₹0.43 लाख का नेट प्रॉफिट कमाया है, जो पिछले साल ₹1.17 लाख के नुकसान (loss) से एक बेहतर रिकवरी है।
क्या है कंपनी का मास्टर प्लान?
₹500 करोड़ की बोरिंग लिमिट का प्रस्ताव कंपनी के मौजूदा साइज के मुकाबले काफी बड़ा है। इससे साफ संकेत मिलता है कि मैनेजमेंट ज्वेलरी ट्रेडिंग बिजनेस में बड़े पैमाने पर विस्तार करना चाहता है। इसके लिए कंपनी अपने 'ऑब्जेक्ट क्लॉज' में भी बदलाव करने जा रही है, ताकि कंपनी का दायरा बढ़ सके। साथ ही, बोर्ड ने 6 नए डायरेक्टरों की नियुक्ति का भी प्रस्ताव रखा है, जिसमें चंद्रप्रकाश वाधवानी नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन के तौर पर शामिल होंगे।
निवेशकों के लिए रिस्क
जानकारों का मानना है कि इतनी छोटी रेवेन्यू बेस वाली कंपनी के लिए ₹500 करोड़ का कर्ज एक बड़ा फाइनेंशियल कमिटमेंट है। निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी इतने बड़े कर्ज का इस्तेमाल किन प्रोजेक्ट्स में करती है और क्या उनकी डेप्ट-सर्विसिंग (debt-servicing) क्षमता इसे संभालने के लिए पर्याप्त है या नहीं।
