Silver Oak India Limited ने FY26 के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी का रेवेन्यू पूरी तरह शून्य रहा है। कंपनी को **₹1.06 करोड़** का नेट लॉस हुआ है और साथ ही रेगुलेटरी जुर्माने के तौर पर **₹8.20 लाख** का भुगतान भी किया है।
ऑपरेशंस में सुस्ती और वित्तीय हालात
वित्तीय वर्ष FY26 के लिए कंपनी की रिपोर्ट चिंताजनक है। कंपनी ने ऑपरेशंस से कोई कमाई नहीं की है। कंसोलिडेटेड आधार पर कंपनी का नेट लॉस ₹1.06 करोड़ रहा, जबकि स्टैंडअलोन आधार पर यह आंकड़ा ₹1.47 करोड़ तक पहुंच गया है। कंपनी ने BSE को नियमों के उल्लंघन और देरी से वोटिंग नतीजे जमा करने के कारण ₹8.20 लाख (GST सहित) का जुर्माना चुकाया है।
ऑडिटर्स की चेतावनी
ऑडिटर्स ने दो बड़े मुद्दों पर चिंता जताई है:
- ट्रेड पेबल्स: 3 साल से अधिक पुराने बकाया भुगतान का निपटारा अभी बाकी है।
- इनवेंटरी संकट: फैक्ट्री लाइसेंस एक्सपायर होने के कारण सारा सामान फिलहाल एक्साइज डिपार्टमेंट की कस्टडी में फंसा हुआ है।
बोर्ड में बड़े बदलाव
कॉर्पोरेट गवर्नेंस को बेहतर बनाने के लिए कंपनी ने बदलाव किए हैं। श्री अजय जलोटा को एडिशनल इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और सुश्री अंशिका सिंघई को कंपनी सेक्रेटरी के पद पर नियुक्त किया गया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
कंपनी के रेवेन्यू न होने के कारण स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। फैक्ट्री लाइसेंस रिन्यूअल की कोई स्पष्ट समय-सीमा नहीं है, जो भविष्य में ऑपरेशंस फिर से शुरू करने के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
