Shree Rajiv Lochan Oil Extraction Ltd के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस पूरी तरह से ठप हैं और ऑडिटर ने कंपनी के भविष्य पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में सेल्स से जीरो कमाई की है।
ऑपरेशंस ठप, कमाई सिर्फ ब्याज से
कंपनी के हालिया नतीजों के मुताबिक, पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के दौरान मैन्युफैक्चरिंग का काम पूरी तरह बंद रहा। कंपनी ने सेल्स से एक रुपया भी नहीं कमाया। जो भी थोड़ी बहुत कमाई हुई, वह केवल फाइनेंशियल एसेट्स पर मिले ब्याज (Interest Income) की बदौलत हुई है। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹6.87 लाख रहा, जबकि पिछले साल कंपनी को ₹12.68 लाख का नुकसान हुआ था।
क्यों है ये बड़ा रेड फ्लैग?
ऑडिटर ने कंपनी की 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) यानी भविष्य में कामकाज जारी रखने की क्षमता पर 'डिस्क्लेमर ऑफ ओपिनियन' जारी किया है। इसका मतलब है कि ऑडिटर को कंपनी के आगे चलने पर भरोसा नहीं है। इसके अलावा, इंटरनल फाइनेंशियल कंट्रोल्स में भी गंभीर खामियां पाई गई हैं।
गवर्नेंस पर सवाल और भविष्य की राह
ऑडिटर ने साफ कहा है कि कंपनी का अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर नियमों के मुताबिक 'ऑडिट ट्रेल' (Audit Trail) मेंटेन नहीं कर रहा है। इसके साथ ही बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के गठन में भी नियमों का उल्लंघन पाया गया है। हालांकि, मैनेजमेंट का कहना है कि कंपनी की नेट वर्थ पॉजिटिव है और वे इंटरनल सिस्टम्स को ठीक करने पर काम कर रहे हैं।
निवेशकों के लिए नोट: कंपनी अब एक ऑपरेशनल बिजनेस के बजाय सिर्फ एक इन्वेस्टमेंट-होल्डिंग एंटिटी की तरह काम कर रही है। आने वाले 30 सितंबर, 2026 को रायपुर में होने वाली 36वीं AGM में नए ऑडिटर M/s Jain Bardia & Co. की नियुक्ति पर वोटिंग होगी।
