Shree Narmada Aluminium Industries ने FY26 के लिए **₹6.84 मिलियन** के नेट लॉस की घोषणा की है। कंपनी का कामकाज लंबे समय से ठप है और अब नए कानूनी विवादों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और संकट
कंपनी ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के नतीजे जारी किए हैं। पिछले साल ₹2.35 मिलियन के मुनाफे के मुकाबले, इस बार कंपनी को ₹6.84 मिलियन का नेट लॉस हुआ है। गौर करने वाली बात यह है कि कंपनी का रेवेन्यू शून्य (Zero) रहा है, जबकि खर्च लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
ऑडिटर्स की चेतावनी
कंपनी के ऑडिटर्स 'SVH & Associates' ने 'Qualified Opinion' जारी किया है। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि कंपनी की नेटवर्थ पूरी तरह खत्म हो चुकी है, जिससे इसके भविष्य पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है। 2016-17 से ही कंपनी का कोई ऑपरेशन्स नहीं चल रहा है, जो इसकी खराब वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।
कानूनी पचड़ों में फंसी कंपनी
हालांकि कंपनी ने अगस्त 2025 में Supreme Court के आदेश के बाद Kotak Mahindra Bank के साथ विवाद सुलझा लिया था, लेकिन अब नई मुसीबत आ गई है। कंपनी ने 'Samrat Assets Allied Industries' के साथ 2014 में हुए प्रॉपर्टी सेल एग्रीमेंट को रद्द कर दिया है। इसके जवाब में सामने वाली पार्टी ने अब सिविल और क्रिमिनल कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है।
निवेशकों के लिए जोखिम
- BSE पर ट्रेडिंग अभी भी सस्पेंडेड: शेयर बाजार में शेयर की खरीद-बिक्री फिलहाल बंद है।
- Governance Crisis: मई 2025 से कंपनी में कोई परमानेंट कंपनी सेक्रेटरी नहीं है।
- प्रॉपर्टी डिस्प्यूट: भरूच स्थित संपत्ति को लेकर चल रहा कानूनी विवाद कंपनी की रिकवरी में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।
