Shree Hanuman Sugar & Industries Ltd ने सितंबर 2026 की छमाही के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रिजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से गुजर रही इस कंपनी का रेवेन्यू शून्य दर्ज किया गया है।
फाइनेंशियल नतीजों का हाल
कंपनी ने सितंबर 30, 2026 को समाप्त छमाही के लिए अपने फाइनेंशियल रिजल्ट्स फाइल किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी को ऑपरेशंस से कोई कमाई नहीं हुई है और कंपनी ने ₹0.50 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है। पिछले साल की समान अवधि में यह नुकसान ₹0.53 करोड़ था। इन नतीजों को फिलहाल कंपनी के रिजोल्यूशन प्रोफेशनल (RP) द्वारा अधिकृत किया गया है।
क्यों ठप है कामकाज?
NCLT कोलकाता बेंच के 27 सितंबर, 2024 के आदेश के बाद, कंपनी वर्तमान में कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रिजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के तहत है। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स सस्पेंड हैं और कंपनी की पूरी कमान अब रिजोल्यूशन प्रोफेशनल के हाथों में है। रेवेन्यू का शून्य होना इस बात का संकेत है कि कंपनी के सामान्य कामकाज पूरी तरह बंद हो चुके हैं।
ऑडिटर्स की चेतावनी
सांविधिक ऑडिटर, B D S & Co. ने इन नतीजों पर 'क्वालिफाइड ओपिनियन' जारी किया है। ऑडिटर्स ने कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' (चालू रहने की क्षमता) पर गंभीर अनिश्चितता जताई है, जो इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत एक बड़ी चिंता है।
निवेशकों के लिए जोखिम
CIRP से गुजर रही कंपनियों में निवेश करना अत्यधिक जोखिम भरा होता है। मौजूदा ₹0.50 करोड़ का खर्च मुख्य रूप से एडमिनिस्ट्रेटिव और प्रोफेशनल चार्जेस के रूप में है, जो कंपनी के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए जरूरी है। अब शेयरधारकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि रिजोल्यूशन प्लान क्या आता है या कंपनी का लिक्विडेशन किया जाता है।
आगे क्या देखना होगा?
शेयरधारकों को अब कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) की बैठकों और NCLT में पेश किए जाने वाले किसी भी फॉर्मल रिजोल्यूशन प्लान पर बारीक नजर रखनी चाहिए।
