Shlokka Dyes Limited के FY 2025-26 के सालाना नतीजों में कंपनी का मुनाफा और रेवेन्यू बुरी तरह गिर गया है। कंपनी ने खुलासा किया है कि उसके IPO फंड से **₹21.79 करोड़** का ट्रांसफर बिना किसी मंजूरी के किया गया था, जिसमें से अभी भी **₹1 करोड़** की रिकवरी बाकी है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
कंपनी के लिए FY 2025-26 का साल काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। रेवेन्यू ₹103.43 करोड़ से घटकर ₹81.94 करोड़ पर आ गया है, वहीं नेट प्रॉफिट ₹10.04 करोड़ से सीधा लुढ़ककर ₹4.96 करोड़ रह गया है। इसके अलावा, कंपनी का बेसिक EPS भी ₹6.67 से घटकर ₹2.32 के स्तर पर आ गया है।
फंड में हेराफेरी का मामला
कंपनी की रिपोर्ट में एक बड़ा खुलासा हुआ है कि उसके IPO से मिले फंड में से ₹21.79 करोड़ को बिना किसी ऑथराइजेशन के थर्ड पार्टी को ट्रांसफर कर दिया गया था। हालांकि, इकोनॉमिक ऑफेंसेज विंग (EOW) की मदद से ₹20.79 करोड़ की रिकवरी कर ली गई है, लेकिन अभी भी ₹1 करोड़ की रिकवरी पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।
Governance और बढ़ता कर्ज
- Related-Party Acquisition: कंपनी अब मैनेजिंग डायरेक्टर की प्रोपराइटरशिप वाली फर्म 'Equinox Impex' को ₹3.67 करोड़ में खरीद रही है, जिस पर गवर्नेंस के सवाल उठ रहे हैं।
- कर्ज का दायरा: बोर्ड ने कर्ज और गारंटी सीमा को बढ़ाकर ₹300 करोड़ तक करने का प्रस्ताव दिया है, जिससे भविष्य में कैश फ्लो पर दबाव बढ़ सकता है।
- नई नियुक्ति: जनवरी 2026 में कंपनी ने विकास दिलीपभाई बदगुजर को नया CFO नियुक्त किया है।
निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी होगी कि कंपनी इस विवाद से कैसे बाहर निकलती है और एक्सपोर्ट मार्केट में मांग का क्या रुख रहता है।
