Shlokka Dyes Ltd ने अपने अक्टूबर 2025 के IPO फंड्स के इस्तेमाल को लेकर एक 'Statement of Deviation' फाइल किया है। कंपनी ने कुल **₹57.79 करोड़** जुटाए थे, लेकिन वर्किंग कैपिटल और कैपिटल एक्सपेंडिचर के मद में फंड्स को तय योजना से अलग खर्च किया गया है।
फंड्स में हेरफेर का गणित
निवेशकों के लिए IPO फंड का सही इस्तेमाल देखना बेहद जरूरी होता है, लेकिन इस बार Shlokka Dyes के मामले में चीजें थोड़ी अलग हैं। कंपनी ने वर्किंग कैपिटल के लिए तय बजट से ₹825.44 लाख अधिक खर्च किए हैं। इसके अलावा, ₹110.11 लाख की राशि ऐसी सिविल वर्क्स पर खर्च की गई है, जिसका उल्लेख IPO के दौरान किए गए उद्देश्यों में नहीं था।
क्यों हुआ फंड का डायवर्जन?
कंपनी की ऑडिट कमिटी ने इन बदलावों को मंजूरी देते हुए बताया है कि ऑपरेशनल जरूरतों और बिजनेस की तत्काल मांगों (exigencies) को पूरा करने के लिए फंड्स को री-डायरेक्ट करना पड़ा। प्रबंधन का कहना है कि यह कदम बिजनेस की निरंतरता बनाए रखने के लिए उठाया गया था।
अब आगे क्या?
हालांकि कंपनी ने फंड्स के अलग इस्तेमाल की पुष्टि कर दी है, लेकिन निवेशकों को अब आने वाली तिमाही नतीजों (Quarterly Results) पर नजर रखनी चाहिए। देखना होगा कि कंपनी भविष्य के खर्चों को ओरिजिनल IPO गाइडलाइन्स के दायरे में कैसे वापस लाती है और क्या यह बदलाव कंपनी की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के लिए फायदेमंद साबित होता है।
