Shivom Investment & Consultancy Ltd ने 12 सितंबर, 2026 को बोर्ड मीटिंग बुलाई है। इस बैठक में कंपनी अपने पेंडिंग Q4 FY25 और Q1 FY26 के नतीजों को मंजूरी देगी।
बोर्ड मीटिंग का एजेंडा
Shivom Investment & Consultancy Ltd ने BSE को दी जानकारी में बताया है कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 12 सितंबर, 2026 को तय की गई है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य उन वित्तीय परिणामों को मंजूरी देना है जो कंपनी की कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के कारण फाइल नहीं हो पाए थे।
क्यों है यह मीटिंग जरूरी?
इन्सॉल्वेंसी प्रक्रिया के दौरान कंपनी तय समय सीमा के भीतर रिपोर्टिंग करने में असमर्थ थी, जिससे एक बड़ा अनुपालन बैकलॉग (Compliance backlog) खड़ा हो गया था। अब इन नतीजों को मंजूरी देकर कंपनी पुरानी रेगुलेटरी बाधाओं को साफ करने और शेयरधारकों के सामने अपनी वित्तीय स्थिति स्पष्ट करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
निवेशकों को क्या मिलेगा?
इस बैठक से निवेशकों को 31 मार्च, 2025 को समाप्त हुए तिमाही और साल के ऑडिटेड नतीजे, और 30 जून, 2025 को समाप्त हुई तिमाही के अन-ऑडिटेड नतीजे देखने को मिलेंगे। यह दस्तावेज कंपनी की पोस्ट-इन्सॉल्वेंसी आर्थिक स्थिति को समझने के लिए आधार का काम करेंगे।
आगे क्या देखें?
मीटिंग के बाद आने वाली फाइलिंग पर नजर रखना जरूरी है। यह पहली बार होगा जब इन्सॉल्वेंसी से बाहर आने के बाद कंपनी का वास्तविक प्रदर्शन और उसकी ऑपरेशनल स्थिति सबके सामने आएगी।
