सरकारी कंपनी Shipping Corporation of India (SCI) पर BSE और NSE ने बड़ी कार्रवाई की है। जून 2026 तिमाही में बोर्ड कंपोजिशन के नियमों का पालन न करने पर कंपनी पर कुल **₹26.22 लाख** का जुर्माना लगाया गया है।
भारी पड़ गई बोर्ड में कमी
सरकारी कंपनी Shipping Corporation of India (SCI) को BSE और NSE से ₹13.11 लाख (GST सहित) का जुर्माना प्रति एक्सचेंज भरना पड़ा है। कुल ₹26.22 लाख की यह पेनल्टी जून 2026 की तिमाही में बोर्ड और कमिटी के कंपोजिशन से जुड़े नियमों (LODR Regulations, 2015) को पूरा न करने के कारण लगी है। कंपनी पर मुख्य रूप से बोर्ड कोरम की कमी और महिला इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की अनुपस्थिति का आरोप है।
कंपनी ने क्या कदम उठाए?
इस समस्या को दूर करने के लिए कंपनी ने 19 अगस्त, 2026 को श्रीमती भारती रमन गोटर्ना को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया है। इस कदम से महिला डायरेक्टर की कमी तो पूरी हो गई है और कंपनी ने अपनी 'स्टेकहोल्डर्स रिलेशनशिप' और 'रिस्क मैनेजमेंट' कमिटियों को भी फिर से व्यवस्थित कर लिया है। मैनेजमेंट का मानना है कि इस जुर्माने से कंपनी के कामकाज या फाइनेंशियल सेहत पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
निवेशकों के लिए चेतावनी
एक नवरत्न पीएसयू (PSU) होने के नाते, SCI के बोर्ड में बाकी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति के लिए सरकार की 'कंपिटेंट अथॉरिटी' पर निर्भर है। जब तक सरकार की ओर से नियुक्तियां नहीं हो जातीं, तब तक कंपनी की ऑडिट कमिटी और नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमिटी पूरी तरह से SEBI के मानकों के अनुरूप नहीं हो पाएंगी। अगर ये नियुक्तियां और अधिक लटकीं, तो कंपनी को भविष्य में और भी रेगुलेटरी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
