Shalimar Paints ने **11 सितंबर, 2026** को होने वाली अपनी EGM के लिए एक जरूरी सुधार (Corrigendum) जारी किया है। NSE की आपत्तियों के बाद कंपनी ने कुछ अयोग्य शेयरधारकों को लिस्ट से बाहर कर दिया है। हालांकि, कुल **₹70.58 करोड़** के प्रेफरेंशियल इश्यू के साइज में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
NSE की रेगुलेटरी जांच के बाद Shalimar Paints ने अपने EGM नोटिस में संशोधन किया है। SEBI के नियमों (ICDR Regulations) के तहत, उन निवेशकों को प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट में शामिल नहीं किया जा सकता जिन्होंने पिछले 90 दिनों में कंपनी के शेयर बेचे हों। इसी नियम का पालन करते हुए कंपनी ने Pro Fin Capital Services Limited और Santosh Hybrid Seeds Company Private Limited जैसे नामों को अलॉटमेंट लिस्ट से हटा दिया है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
कंपनी ने इन अयोग्य निवेशकों की जगह Hella Infra Market Limited के शेयरधारकों को शामिल किया है ताकि फंड रेजिंग प्रक्रिया प्रभावित न हो। इश्यू का कुल साइज ₹70.58 करोड़ ही रहेगा और प्रति शेयर कीमत ₹85 (जिसमें ₹83 का प्रीमियम शामिल है) पर बरकरार है। यह कदम कंपनी की रेगुलेटरी नियमों के प्रति जवाबदेही को दर्शाता है।
आगे क्या होगा?
सभी की नजरें अब 11 सितंबर, 2026 को होने वाली EGM पर हैं। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे नया नोटिस ध्यान से पढ़ें ताकि CCPS (Compulsory Convertible Preference Shares) से जुड़ी शर्तों और लॉक-इन पीरियड को अच्छी तरह समझ सकें।
