Shah Construction Company Ltd ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए **₹175.36 लाख** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है, जो पिछले साल के **₹269.07 लाख** के मुकाबले कम है। हालांकि, कंपनी गंभीर वित्तीय संकट और **₹35.19 करोड़** के बकाये को लेकर प्रॉपर्टी अटैचमेंट जैसी दिक्कतों से जूझ रही है।
वित्तीय सेहत और चुनौतियां
कंपनी ने अपनी 78वीं AGM (30 अक्टूबर, 2026) से पहले सालाना अपडेट जारी किए हैं। हालांकि टोटल इनकम बढ़कर ₹771.73 लाख हो गई है, लेकिन कंपनी का नेगेटिव नेट वर्थ और करंट एसेट्स के मुकाबले लायबिलिटीज का भारी अंतर चिंता का विषय बना हुआ है।
निवेशक क्यों रहें सतर्क?
कंपनी के सामने कई बड़े खतरे खड़े हैं:
- प्रॉपर्टी अटैचमेंट: मुंबई कलेक्टर ने ₹35.19 करोड़ के बकाया लैंड-यूज़ डिमांड के चलते कंपनी की प्रॉपर्टी और बैंक अकाउंट्स को अटैच कर लिया है।
- प्रिफरेंस शेयर में देरी: कंपनी ने 48.20 लाख प्रिफरेंस शेयर्स के रिडेम्पशन को मई 2025 से बढ़ाकर 2031 कर दिया है, क्योंकि मुनाफे की कमी है।
कानूनी विवादों में फंसी कंपनी
कंपनी का बॉम्बे हाई कोर्ट में Sheth Homes Private Limited के साथ एक डेवलपमेंट एग्रीमेंट को लेकर विवाद चल रहा है, जिस पर कोर्ट ने रोक लगा दी है। इसके अलावा, कंपनी ने प्रमोटर होल्डिंग्स के डीमैट मामले में SEBI नियमों के उल्लंघन की बात भी स्वीकार की है।
लिक्विडिटी का संकट
31 मार्च, 2026 तक कंपनी की करंट लायबिलिटीज उसके एसेट्स से ₹104.16 करोड़ ज्यादा हैं। मैनेजमेंट ने खुद माना है कि कंपनी का भविष्य ऑपरेशंस के बजाय जमीन की वैल्युएशन पर निर्भर है, जो निवेशकों के लिए बड़ा जोखिम है।
