Shah Construction Company Ltd के 78वें AGM में गवर्नेंस का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। शेयरधारकों ने कंपनी के दो फाइनेंशियल इयर्स के नतीजों को मंजूरी देने से साफ इनकार कर दिया है, जो कंपनी की साख के लिए एक बड़ा रेड फ्लैग है।
एजीएम में क्या हुआ?
30 अक्टूबर, 2026 को आयोजित 78वीं एजीएम (AGM) में कंपनी को उस समय बड़ा झटका लगा, जब शेयरधारकों ने मार्च 2025 और मार्च 2026 के ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को अपनाने के प्रस्ताव को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया। इतना ही नहीं, इंडिपेंडेंट डायरेक्टर हितेश पोपटलाल सागोई (Hitesh Popatlal Sangoi) की फिर से नियुक्ति के प्रस्ताव को भी 72.74% वोट के साथ खारिज कर दिया गया।
यह मामला गंभीर क्यों है?
कॉर्पोरेट जगत में फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स की मंजूरी एक सामान्य प्रक्रिया होती है, लेकिन लगातार दो साल के नतीजों का गिरना कंपनी और शेयरधारकों के बीच भरोसे की भारी कमी को दर्शाता है। यह स्थिति कंपनी के फाइनेंशियल रिपोर्टिंग और बोर्ड स्ट्रक्चर पर बड़े सवाल खड़े करती है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
- रेगुलेटरी रिस्क: स्टॉक एक्सचेंज और मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स (Ministry of Corporate Affairs) की ओर से जांच के आसार हैं।
- बोर्ड संरचना: इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की नियुक्ति फेल होने से SEBI के नियमों के तहत बोर्ड के कंपोजिशन पर भी संकट आ सकता है।
निवेशकों को अब कंपनी की ओर से आने वाले स्पष्टीकरण और उस 'रेमेडियल प्लान' पर कड़ी नजर रखनी चाहिए, जिसके जरिए बोर्ड इस डेडलॉक को सुलझाने की कोशिश करेगा।
