Setubandhan Infrastructure इस वक्त कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के दौर से गुजर रही है। कंपनी का रेजोल्यूशन प्लान मार्च 2025 में NCLT द्वारा खारिज कर दिया गया था, जिसके खिलाफ अपील अब NCLAT में पेंडिंग है। इसके अलावा, पुरानी मैनेजमेंट की गलतियों के चलते कंपनी सितंबर 2026 की जरूरी फाइलिंग्स भी नहीं कर पाई है।
कानूनी दांव-पेच और रिपोर्टिंग में बड़ी चूक
Setubandhan Infrastructure की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कंपनी ने कन्फर्म किया है कि वह सितंबर 2026 की तिमाही के लिए अनिवार्य रेगुलेटरी फाइलिंग्स पूरी करने में असमर्थ रही है। इसमें शेयरहोल्डिंग पैटर्न, शेयर कैपिटल ऑडिट और इन्वेस्टर ग्रीवेंस रिपोर्ट्स जैसी जरूरी जानकारी शामिल है।
क्यों नहीं हो पा रही फाइलिंग?
कंपनी के मुताबिक, पिछली मैनेजमेंट ने फीस नहीं चुकाई थी, जिसके कारण NSDL, CDSL और RTA ने डेटा सर्विसेज को बंद कर दिया है। इसी कारण कंपनी के पास जरूरी 'Benpos' डेटा का एक्सेस नहीं है, जिससे ऑपरेशनल कामकाज पूरी तरह ठप पड़ गया है।
रेजोल्यूशन का क्या होगा?
नवंबर 2022 में NCLT मुंबई के आदेश के बाद कंपनी CIRP प्रक्रिया में आई थी। क्रेडिटर कमेटी ने पहले रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दी थी, लेकिन मार्च 2025 में NCLT ने इसे ठुकरा दिया। रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (RP) ने जुलाई 2025 में इस फैसले के खिलाफ NCLAT में चुनौती दी है, जो अभी भी विचाराधीन (Sub-judice) है।
आगे क्या?
फिलहाल कंपनी को SEBI (LODR) रेगुलेशंस के तहत कॉरपोरेट गवर्नेंस रिपोर्ट्स जैसी कुछ फाइलिंग्स से छूट मिली हुई है, क्योंकि कंपनी इनसॉल्वेंसी प्रक्रिया में है। अब निवेशकों की नजर पूरी तरह से NCLAT के फैसले पर टिकी है, जो तय करेगा कि कंपनी का भविष्य क्या होगा और क्या रेजोल्यूशन प्रक्रिया को दोबारा पटरी पर लाया जा सकता है।
