SecUR Credentials: घाटे में डूबी कंपनी, NSE-BSE पर ट्रेडिंग सस्पेंशन के बीच निवेशकों की बढ़ी मुश्किल

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AuthorAditya Rao|Published at:
SecUR Credentials: घाटे में डूबी कंपनी, NSE-BSE पर ट्रेडिंग सस्पेंशन के बीच निवेशकों की बढ़ी मुश्किल

SecUR Credentials ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए **₹2.49 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। कंपनी फिलहाल NSE और BSE पर सस्पेंडेड है, और ऑडिटर ने फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

बिगड़ते फाइनेंशियल हालात और ऑडिट रिपोर्ट

कंपनी ने इस साल अपना लॉस ₹8.04 करोड़ से घटाकर ₹2.49 करोड़ जरूर किया है, लेकिन इसका रेवेन्यू मात्र ₹0.57 करोड़ रहा है। कंपनी के स्टेट्यूटरी ऑडिटर M/s. Nahar V & Co. ने 'क्वालिफाइड ओपिनियन' जारी की है। इसमें डायरेक्टर्स के अकाउंट में अनवेरिफाइड डेबिट बैलेंस, रेवेन्यू से जुड़े डॉक्यूमेंट्स की कमी और एक प्रॉपर्टी डील के लिए दिए गए ₹5.99 करोड़ के एडवांस पर अनिश्चितता जताई गई है।

रेगुलेटरी संकट और कानूनी लड़ाई

SecUR Credentials फिलहाल SEBI के अंतरिम आदेश के घेरे में है, जिसमें कंपनी पर कथित तौर पर फर्जी ट्रांजेक्शन करने का आरोप है। कंपनी इस आदेश को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दे रही है। बोर्ड को स्थिर करने के लिए हाल ही में मिस्टर योगेश कुमार और मिस शिवी जिंदल को बोर्ड में शामिल किया गया है।

निवेशकों के लिए चेतावनी

ट्रेडिंग सस्पेंशन की मुख्य वजह एनुअल लिस्टिंग फीस का भुगतान न करना और नियमों का पालन न करना है। कंपनी के इंटरनल ऑडिट रिपोर्ट्स का न होना और लोन व ट्रेड पेएबल्स के कन्फर्मेशन की कमी इसे हाई-रिस्क जोन में डालती है।

अगली बड़ी तारीख 26 नवंबर, 2026 है, जब कंपनी की 25वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) होगी। शेयरहोल्डर्स के लिए यह मौका होगा कि वे मैनेजमेंट से रेगुलेटरी मामलों और खराब इंटरनल कंट्रोल्स पर जवाब मांग सकें।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.