SecUR Credentials: कंपनी पर बढ़ा संकट, FY25 में भारी नुकसान और ट्रेडिंग अभी भी सस्पेंडेड

OTHER
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
SecUR Credentials: कंपनी पर बढ़ा संकट, FY25 में भारी नुकसान और ट्रेडिंग अभी भी सस्पेंडेड

SecUR Credentials के हालिया फाइनेंशियल रिपोर्ट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। कंपनी का रेवेन्यू **98%** से ज्यादा गिर गया है और नेट लॉस बढ़कर **₹804.13 लाख** हो गया है, साथ ही शेयर ट्रेडिंग पर भी रोक जारी है।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का बुरा हाल

कंपनी के ताजा नतीजों के मुताबिक, बिजनेस में भारी गिरावट आई है। जहां पिछले साल रेवेन्यू ₹2,812.89 लाख था, वहीं इस फाइनेंशियल ईयर में यह गिरकर महज ₹55.24 लाख रह गया है। इस गिरावट के साथ कंपनी का नेट लॉस भी पिछले साल के ₹245.50 लाख से बढ़कर अब ₹804.13 लाख पर पहुंच गया है।

क्यों रुकी है ट्रेडिंग?

BSE और NSE पर कंपनी के शेयर फिलहाल सस्पेंडेड हैं। इसकी मुख्य वजह समय पर फाइनेंशियल रिजल्ट्स जमा न करना और लिस्टिंग फीस का भुगतान न करना है। इसके अलावा, SEBI ने जून और सितंबर 2024 में कंपनी के खिलाफ कड़े आदेश जारी किए हैं, जिससे कंपनी गहरे रेगुलेटरी संकट में फंस गई है।

ऑडिटर्स ने उठाए गंभीर सवाल

ऑडिटर JPMD & Associates ने कंपनी की फाइनेंशियल पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, डायरेक्टर्स के अकाउंट्स में अनवेरिफाइड बैलेंस, 'अनबिल्ड रेवेन्यू' के लिए डॉक्यूमेंट्स की कमी और रिलेटेड-पार्टी ट्रांजेक्शन का खुलासा न करना गंभीर चिंता का विषय है। इंटरनल ऑडिट रिपोर्ट न होने की वजह से ऑडिटर्स ने इंटरनल कंट्रोल सिस्टम को लेकर भी 'क्वालिफाइड ओपिनियन' दिया है।

मैनेजमेंट में खालीपन

कंपनी में गवर्नेंस का स्तर काफी नीचे गिरा है। जून 2024 में राहुल बेलवालकर के मैनेजिंग डायरेक्टर के पद से इस्तीफा देने के बाद से कंपनी में लीडरशिप का संकट है। फिलहाल कंपनी के पास कोई परमानेंट कंपनी सेक्रेटरी भी नहीं है, जो रेगुलेटरी अनुपालन के लिए बेहद जरूरी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.