Sayaji Hotels (Indore) के सितंबर तिमाही के नतीजे सामने आ गए हैं। कंपनी को इस बार **₹4.83 करोड़** का नेट लॉस हुआ है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी फायदे में थी।
फाइनेंशियल रिजल्ट्स का हाल
कंपनी ने सितंबर 2026 को खत्म हुई तिमाही के लिए अपने आंकड़े पेश किए हैं। ऑपरेशंस से रेवेन्यू घटकर ₹19.18 करोड़ रह गया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹21.07 करोड़ था। बीते साल इसी अवधि में कंपनी ने ₹0.18 करोड़ का प्रॉफिट कमाया था, जो अब नुकसान में बदल गया है।
विस्तार और कर्ज का दबाव
कंपनी फिलहाल बड़े स्तर पर विस्तार (Expansion) की तैयारी में है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 'कैपिटल वर्क-इन-प्रोग्रेस' (CWIP) बढ़कर ₹206.38 करोड़ पहुंच गया है, जो मार्च 2026 में ₹111.66 करोड़ था। इस विस्तार के लिए कंपनी ने कर्ज भी लिया है, जो अब बढ़कर ₹193.37 करोड़ हो गया है, जबकि छह महीने पहले यह ₹108.73 करोड़ था।
कानूनी पेंच और रिस्क
सबसे बड़ी चिंता इंदौर के होटल की जमीन को लेकर जारी कानूनी विवाद है। इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) के साथ जमीन लीज का मामला अभी हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच में पेंडिंग है। इसके अलावा, डीमर्जर के बाद प्रॉपर्टी म्यूटेशन से जुड़ी स्टैंप ड्यूटी की देनदारियां भी कंपनी के लिए अनिश्चितता का विषय बनी हुई हैं।
बोर्ड में बदलाव
कंपनी ने अजहर यूसुफ धनानी को एडिशनल डायरेक्टर (नॉन-एग्जीक्यूटिव, नॉन-इंडिपेंडेंट) के पद पर नियुक्त किया है। साथ ही, शेयरधारकों के लिए पोस्टल बैलेट प्रक्रिया भी शुरू की गई है। निवेशकों को आने वाले समय में कंपनी के कर्ज और अदालती फैसलों पर पैनी नजर रखने की सलाह है।
