Satiate Agri Limited आधिकारिक तौर पर कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के दायरे में आ गई है। NCLT इंदौर बेंच के **20 अगस्त, 2026** के आदेश के बाद अब कंपनी का मैनेजमेंट बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के हाथों से निकलकर इंटरिम रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (IRP), MVK IPE LLP के पास चला गया है।
मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव
दिवालिया प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही Satiate Agri के पुराने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की शक्तियां निलंबित कर दी गई हैं। अब कंपनी के सभी ऑपरेशंस और फैसले कानूनी रूप से Mangesh V. Kekre (IRP) की देखरेख में लिए जाएंगे। यह कदम कंपनी की गंभीर आर्थिक स्थिति की ओर इशारा करता है।
AGM में क्या हुआ?
प्रक्रियाओं के बीच ही 27 अगस्त, 2026 को कंपनी ने अपनी 39वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) आयोजित की। IRP की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:
- 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ऑडिट किए गए वित्तीय स्टेटमेंट को स्वीकार किया गया।
- कैलाश चंद धाकड़िया (Kailash Chand Dhaksiya) की फिर से नियुक्ति हुई।
- योगेंद्र सिंह भाटी (Yogendra Singh Bhati) को नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और दीपक पाराशर (Deepak Parashar) को होल-टाइम डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया।
अब आगे क्या?
फिलहाल कंपनी AGM के वोटिंग नतीजों का खुलासा अलग से करेगी। निवेशकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण 'कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स' (CoC) का गठन और भविष्य का रेजोल्यूशन प्लान होगा, क्योंकि इन्हीं के आधार पर तय होगा कि कंपनी का वजूद बचेगा या नहीं।
