Saksoft Ltd को NCLT से मर्जर के मामले में एक बड़ा अपडेट मिला है। कंपनी को अपनी सब्सिडियरी Augmento Labs के मर्जर के लिए एक सुधारित (Rectified) आदेश प्राप्त हुआ है, जिससे प्रक्रिया में आ रही मामूली तकनीकी अड़चनें दूर हो गई हैं।
क्या है पूरा मामला?
NCLT की चेन्नई बेंच ने 1 अक्टूबर 2026 को एक सुधारित आदेश जारी किया है। दरअसल, इससे पहले 16 सितंबर 2026 को जो मर्जर की मंजूरी मिली थी, उसमें कुछ मामूली क्लर्कल और टाइपिंग की गलतियां रह गई थीं। कंपनी ने साफ किया है कि मर्जर की मुख्य शर्तों और नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
क्यों जरूरी था यह सुधार?
यह प्रक्रिया NCLT रूल्स के Rule 154 के तहत की गई है, जो किसी भी कानूनी आदेश में हुई अनजाने में हुई गलतियों या चूक को ठीक करने की इजाजत देता है। इस सुधार से मर्जर की कानूनी फाइल पूरी तरह से 'एयरटाइट' हो गई है, जिससे भविष्य में किसी भी तरह की रेगुलेटरी अड़चन का खतरा खत्म हो गया है।
मर्जर का रोडमैप
Saksoft Ltd और Augmento Labs का यह विलय कंपनी के स्ट्रक्चर को सरल बनाने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। मर्जर की प्रभावी तिथि 1 अप्रैल 2026 ही रहेगी।
आगे क्या होगा?
निवेशकों को अब इस आदेश के Registrar of Companies (RoC) के पास फाइनल फाइलिंग का इंतजार करना चाहिए। जैसे ही यह फाइलिंग पूरी होगी, मर्जर की प्रक्रिया औपचारिक रूप से संपन्न मानी जाएगी।
