Sai Parenterals Ltd: IPO फंड के इस्तेमाल में बड़ी गड़बड़ी, **₹23.87 करोड़** के डायवर्जन से मचा हड़कंप

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AuthorNeha Patil|Published at:
Sai Parenterals Ltd: IPO फंड के इस्तेमाल में बड़ी गड़बड़ी, **₹23.87 करोड़** के डायवर्जन से मचा हड़कंप

Sai Parenterals Ltd के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। India Ratings & Research की एक रिपोर्ट में कंपनी द्वारा IPO से मिले फंड के इस्तेमाल में **₹23.87 करोड़** (238.74 मिलियन) के डायवर्जन का खुलासा हुआ है।

क्या है पूरा मामला?

India Ratings & Research ने जून 2026 की तिमाही के लिए जारी अपनी मॉनिटरिंग एजेंसी रिपोर्ट में Sai Parenterals Ltd की पोल खोल दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने IPO के जरिए जुटाए गए फंड का 10% हिस्सा उन कामों में लगाया, जिनके लिए प्रॉस्पेक्टस में कोई जानकारी नहीं दी गई थी। इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी भी नहीं ली गई, जो सीधे तौर पर गवर्नेंस के नियमों का उल्लंघन है।

फंड के साथ खिलवाड़ कैसे हुआ?

कंपनी ने करीब ₹14.92 करोड़ (₹149.21 मिलियन) सीधे अपने कॉमन ऑपरेटिंग अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए। इसके कारण IPO फंड और कंपनी का वर्किंग कैपिटल आपस में मिल गए, जिससे स्वतंत्र ऑडिटर्स के लिए फंड की ट्रैकिंग करना नामुमकिन हो गया। इसके अलावा, ₹10 करोड़ (₹100 मिलियन) का भुगतान बुक रनिंग लीड मैनेजर (BRLM) को सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर किया गया, जिसका कोई पुख्ता दस्तावेज भी नहीं मिल पाया है।

मैनेजमेंट का तर्क और रिस्क

कंपनी मैनेजमेंट ने इन आरोपों को सिर्फ 'प्रोसीजरल' बताया है और इसे बिजनेस की जरूरत करार दिया है। हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट्स इसे 'गवर्नेंस रिस्क' मान रहे हैं।

अब निवेशकों के लिए क्या?

  • BSE पर आने वाली अगली फाइलिंग्स पर नजर रखें।
  • प्रोजेक्ट में हो रही देरी (यूनिट II और III) और R&D सेंटर के काम की प्रोग्रेस को ट्रैक करें।
  • यदि रेगुलेटरी संस्थाएं कोई सख्त कार्रवाई करती हैं, तो स्टॉक में और भी अस्थिरता देखने को मिल सकती है।
Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.