Saboo Sodium Chloro Ltd की एनुअल इनकम बढ़कर **₹64.75 करोड़** हो गई है, लेकिन कंपनी का नेट प्रॉफिट घटकर **₹23.26 लाख** पर आ गया है। 29 सितंबर को होने वाली AGM में मैनेजमेंट की सैलरी बढ़ाने और एक्सपेंशन प्लान पर चर्चा होगी, जबकि ऑडिटर की टिप्पणी निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
मुनाफे पर दबाव, लेकिन रेवेन्यू में उछाल
कंपनी का फाइनेंशियल ईयर 2025-26 मिला-जुला रहा है। जहां एक ओर कंपनी की टोटल इनकम पिछले साल के ₹55.19 करोड़ से बढ़कर ₹64.75 करोड़ पहुंच गई है, वहीं नेट प्रॉफिट ₹0.31 करोड़ से घटकर ₹0.23 करोड़ रह गया है। नतीजों में दिख रही इस गिरावट की वजह ऑपरेशनल एफिशिएंसी में कमी बताई जा रही है। मुनाफे में कमी के कारण बोर्ड ने इस साल कोई डिविडेंड न देने का फैसला लिया है।
ऑडिटर की सख्त टिप्पणी (Auditor's Red Flags)
निवेशकों को कंपनी की ऑडिट रिपोर्ट पर गौर करना होगा, क्योंकि स्टैच्यूटरी ऑडिटर्स ने कई गंभीर सवाल उठाए हैं:
- डॉक्यूमेंटेशन का अभाव: अप्रैल से नवंबर 2021 के बीच हॉस्पिटैलिटी डिवीजन के रिकॉर्ड्स उपलब्ध नहीं हैं, क्योंकि वे जीएसटी विभाग द्वारा जब्त किए गए थे।
- रिकेवबल्स पर सवाल: ट्रेड रिसीवेबल्स के लिए बैलेंस कन्फर्मेशन और एज-वाइज क्लासिफिकेशन की कमी है।
- डिस्क्लोजर में कमी: कंपनी ने शेड्यूल III के तहत टर्म लोन की जानकारी देने जैसे मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया है।
आगे की रणनीति और सैलरी पर विवाद
वित्तीय चुनौतियों के बावजूद कंपनी अपने एक्सपेंशन प्लान पर काम कर रही है। नावा सिटी फैक्ट्री में 300 KWP का सोलर पावर प्लांट लगाया गया है और जयपुर के पास जमीन अधिग्रहण करके हॉस्पिटैलिटी कैपेसिटी को 120 कमरों तक बढ़ाने की योजना है।
हालांकि, विवाद का मुख्य मुद्दा मैनेजिंग डायरेक्टर की सैलरी में प्रस्तावित बढ़ोतरी है, जिसे ₹4 लाख प्रति माह से बढ़ाकर ₹5 लाख करने की मांग की गई है। कम मुनाफे के बावजूद सैलरी में यह इजाफा शेयरधारकों के लिए नाराजगी की वजह बन सकता है।
