SVA India के लिए फाइनेंशियल ईयर **2026** बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का रेवेन्यू **50%** गिरकर **₹1.12 करोड़** रह गया है और कंपनी को **₹2.46 करोड़** का नेट लॉस हुआ है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और चुनौतियां
SVA India के फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे काफी निराशाजनक रहे हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹2.24 करोड़ से घटकर इस बार सिर्फ ₹1.12 करोड़ पर आ गया है। कमाई में भारी गिरावट और ऑपरेटिंग प्रेशर के कारण कंपनी को ₹2.46 करोड़ का नेट लॉस उठाना पड़ा है। नकदी बचाने (Cash conservation) के उद्देश्य से मैनेजमेंट ने इस साल कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है।
डायवर्सिफिकेशन की कोशिश
गिरते कारोबार को संभालने के लिए कंपनी अब चाय और ओट्स बेस्ड प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रही है। 2026 की शुरुआत में कंपनी ने Aussee Oats India Limited को सब्सिडियरी के तौर पर एक्वायर किया था। हालाँकि, ये नए बिजनेस अभी इतने बड़े नहीं हुए हैं कि कंपनी को पुराने नुकसान से उबार सकें।
ऑडिट और गवर्नेंस पर सवाल
कंपनी ने नए ऑडिटर्स की नियुक्ति की है। M/s Rakesh S Kapoor & Co को स्टैच्युटरी ऑडिटर और M/s Deepika Mishra & Associates को सेक्रेटेरियल ऑडिटर नियुक्त किया गया है। लेकिन चिंता की बात यह है कि कंपनी में पिछले फाइनेंशियल ईयर के दौरान इंटरनल ऑडिट सिस्टम मौजूद नहीं था, जो कंपनी एक्ट की धारा 138 का उल्लंघन है।
भविष्य के लिए रिस्क
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा रिस्क Future Consumer Limited के साथ चल रहा आर्बिट्रेशन केस है। यह कानूनी उलझन कंपनी की वित्तीय सेहत पर असर डाल रही है। आगे चलकर कंपनी के ओट्स और चाय बिजनेस की परफॉर्मेंस और इस केस का नतीजा शेयर की दिशा तय करेगा।
