SK International Export ने सितंबर 2026 में खत्म हुई छमाही के लिए **₹0.06 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। ऑडिटर ने इन्वेंट्री रिकॉर्ड गायब होने और IIFL के साथ अनसुलझे बकाया को लेकर बड़ी चिंता जताई है।
फाइनेंशियल रिजल्ट्स का हाल
सितंबर 2026 में खत्म हुई छमाही के लिए कंपनी की कुल इनकम ₹0.17 करोड़ रही है। हालांकि, पिछले साल के मुकाबले नेट लॉस थोड़ा कम हुआ है, लेकिन मार्च 2026 में ₹1.95 करोड़ की तुलना में रेवेन्यू में भारी गिरावट देखने को मिली है।
ऑडिटर की चेतावनी (Audit Concerns)
कंपनी के ऑडिटर ने 'क्वालिफाइड ओपिनियन' जारी किया है, जो निवेशकों के लिए रेड फ्लैग है। मुख्य चिंताएं ये हैं:
- कोर बिजनेस से दूरी: कंपनी अपने एक्सपोर्ट के मुख्य काम के बजाय सिक्योरिटीज और डेरिवेटिव ट्रेडिंग से ज्यादा पैसा कमा रही है।
- इन्वेंट्री का अभाव: कंपनी के पास सही इन्वेंट्री रिकॉर्ड नहीं है, जो इंटरनल कंट्रोल पर सवाल खड़े करता है।
- IIFL के साथ बकाया: IIFL के साथ कंपनी की लायबिलिटी का मिलान (Reconciliation) अभी तक नहीं हुआ है, जिससे कंपनी के कर्ज की असल स्थिति अस्पष्ट है।
निवेशकों के लिए जोखिम
कंपनी का ध्यान अब एक्सपोर्ट के बजाय सट्टा बाजार (Speculative trading) की तरफ ज्यादा है, जो बैलेंस शीट को बाजार के उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील बनाता है। कमजोर गवर्नेंस और रिपोर्टिंग स्टैंडर्ड्स के कारण शेयर की स्थिरता पर असर पड़ सकता है। भविष्य में IIFL के साथ मामले के समाधान और इन्वेंट्री मैनेजमेंट में सुधार पर नजर रखना जरूरी है।
