SK International Export: कंपनी के नतीजों में भारी गिरावट, ऑडिटर की रिपोर्ट से निवेशकों की बढ़ी चिंता

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AuthorNeha Patil|Published at:
SK International Export: कंपनी के नतीजों में भारी गिरावट, ऑडिटर की रिपोर्ट से निवेशकों की बढ़ी चिंता

SK International Export Ltd के फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के नतीजे बेहद निराशाजनक रहे हैं। कंपनी को **₹29.67 लाख** का नेट लॉस हुआ है, जबकि पिछले साल कंपनी **₹216.54 लाख** के मुनाफे में थी। इसके अलावा, ऑडिटर्स ने कंपनी की वित्तीय स्थिति और एसेट्स की सत्यता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

बिगड़ती वित्तीय सेहत और ऑडिटर्स की चेतावनी

कंपनी के ऑपरेशनल हेल्थ में भारी गिरावट देखी गई है। पिछले साल के ₹281.39 लाख के मुकाबले इस बार ऑपरेशन से रेवेन्यू घटकर सिर्फ ₹14.93 लाख रह गया है। इसका सीधा असर बॉटम लाइन पर पड़ा है और कंपनी ₹0.40 के नेगेटिव EPS (Earnings Per Share) पर आ गई है।

क्यों है चिंता का बड़ा विषय?

स्टैचूटरी ऑडिटर्स ने अपनी रिपोर्ट में कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) स्टेटस पर ही संदेह जताया है। मुख्य बिंदुओं में शामिल हैं:

  • एसेट्स का सत्यापन न होना: ऑडिटर्स उन फिक्स्ड एसेट्स और इन्वेंटरी की पुष्टि नहीं कर पाए, जिनका मूल्य ₹13.14 लाख है। इन एसेट्स को पहले ही राइट-ऑफ (Write-off) कर दिया गया है।
  • अकाउंटिंग में गड़बड़ी: ब्याज आय को 'एक्रूअल' (Accrual) आधार पर दिखाने के बजाय 'रसीद' (Receipt) आधार पर दर्ज किया गया, जो नियमों के खिलाफ है।
  • इंटरनल कंट्रोल की कमी: फ्यूल, ट्रेवल और बिजनेस प्रमोशन जैसे खर्चों पर कोई ठोस इंटरनल कंट्रोल नहीं मिला, जिससे इन खर्चों की वैधता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

आगे क्या होगा?

कंपनी मैनेजमेंट ने स्वीकार किया है कि वे मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं और बिजनेस को रिवाइव करने की योजना पर काम कर रहे हैं। हालांकि, रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (ROC) के पास ई-फॉर्म्स फाइल करने में देरी जैसी अनुपालन (Compliance) संबंधी कमियां भी सामने आई हैं। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या कंपनी अपने ऑडिटर्स द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब दे पाएगी और इंटरनल फाइनेंशियल कंट्रोल्स को मजबूत कर पाएगी या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.