SGL Resources Ltd ने अपनी 34वीं AGM के लिए नोटिस जारी कर दिया है। कंपनी अपने कर्ज और निवेश की सीमा को बढ़ाकर **₹300 करोड़** करने का प्रस्ताव ला रही है, जबकि कंपनी का नेट प्रॉफिट FY26 में गिरकर सिर्फ **₹0.11 करोड़** रह गया है।
फाइनेंशियल चुनौतियों के बीच बड़ा बदलाव
SGL Resources Ltd ने 30 सितंबर, 2026 को अपनी 34वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) बुलाई है। इस मीटिंग में बोर्ड ने कंपनी की वित्तीय सीमाएं बढ़ाने का फैसला किया है। कंपनी ने बरोइंग और चार्ज क्रिएशन लिमिट को बढ़ाकर ₹300 करोड़ करने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा, सेक्शन 186 के तहत निवेश, लोन और गारंटी की सीमा को भी ₹300 करोड़ तक ले जाने की योजना है।
मुनाफे का गणित और संबंधित पार्टी से डील
कंपनी के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। FY26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर महज ₹0.11 करोड़ पर आ गया है, जबकि पिछले साल यह ₹1.40 करोड़ था। वहीं, रेवेन्यू भी ₹50.24 करोड़ से घटकर ₹49.04 करोड़ रह गया है।
इस बीच, कंपनी Beta Resources से ₹7 करोड़ का इंटरेस्ट-फ्री लोन लेने की तैयारी में है। चूंकि इस कंपनी में Whole-Time डायरेक्टर की 50% हिस्सेदारी है, इसलिए इस 'रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन' पर कॉर्पोरेट गवर्नेंस के नजरिए से सवाल उठ रहे हैं।
बोर्ड में बड़े बदलाव और सैलरी बढ़ोतरी
कंपनी में बड़े स्तर पर नेतृत्व परिवर्तन हो रहा है। इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स सोना बचाणी, मुरली चांडक और मोहन लखनलाल चंदिरमानी ने इस्तीफा दे दिया है। उनकी जगह पर हिमाली महेशभाई ठक्कर को नियुक्त करने का प्रस्ताव है। साथ ही, होल-टाइम डायरेक्टर और CFO कांतिलाल व्रजलाल लदानी की मंथली सैलरी को दोगुना करके ₹1.20 लाख करने की सिफारिश की गई है, जो 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगी।
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि क्या कंपनी इस नए कर्ज के जरिए अपने गिरते हुए मुनाफे को संभाल पाती है या नहीं।
