S H Kelkar and Company Limited के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन रमेश वझे का **15 सितंबर, 2026** को निधन हो गया है। वझे ने **6 दशकों** तक कंपनी के निर्माण में अहम भूमिका निभाई और भारत में फ्रेगरेंस इंडस्ट्री में ऑटोमेशन का सूत्रपात किया।
एक युग का अंत
S H Kelkar and Company Limited ने आधिकारिक तौर पर अपने नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन रमेश वझे के निधन की सूचना दी है। वे कंपनी के प्रमोटर थे और उन्होंने वैश्विक स्तर पर कंपनी के विस्तार में नींव का पत्थर रखा था।
कंपनी के लिए वझे का योगदान
रमेश वझे का सफर 1961 में शुरू हुआ था। वे 1981 से बोर्ड का हिस्सा रहे और 2019 में नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बने। उन्होंने न केवल कंपनी को एक स्थानीय फ्रेगरेंस हाउस से एक अंतरराष्ट्रीय संगठन बनाया, बल्कि 1994 में भारत में पहली बार ऑटोमेटेड फ्रेगरेंस कंपाउंडिंग प्लांट की शुरुआत की।
आगे क्या होगा?
कंपनी ने अभी तक चेयरमैन पद के लिए किसी उत्तराधिकारी की घोषणा नहीं की है। वर्तमान में पूरा ध्यान इस कठिन दौर से उबरने और नेतृत्व में बदलाव की प्रक्रिया को सुचारू बनाने पर है।
निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी
नियमों के अनुसार, SEBI के Regulation 30 के तहत कंपनी ने BSE और NSE को इस घटना की जानकारी दे दी है। अब निवेशकों को बोर्ड द्वारा की जाने वाली नियुक्तियों और गवर्नेंस से जुड़े अपडेट्स पर नजर रखनी चाहिए, ताकि कंपनी की रणनीतिक दिशा और मैनेजमेंट की निरंतरता का पता चल सके।
