Retro Green Revolution: मामूली मुनाफे के बीच कंपनी पर मंडराया रेगुलेटरी संकट

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Retro Green Revolution: मामूली मुनाफे के बीच कंपनी पर मंडराया रेगुलेटरी संकट

Retro Green Revolution Ltd ने फाइनेंशियल ईयर **2026** के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी ने **₹0.14 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। लेकिन नतीजों से ज्यादा कंपनी की गवर्नेंस और SEBI व MCA की सख्ती निवेशकों के लिए खतरे की घंटी बन गई है।

भारी गवर्नेंस रिस्क का खुलासा

कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के दौरान ₹0.14 करोड़ का नेट प्रॉफिट तो दिखाया है, लेकिन यह आंकड़ा रेगुलेटरी लैप्स (Regulatory Lapses) के शोर में दब गया है। कंपनी को BSE, SEBI और MCA से कई कारण बताओ नोटिस (Show-cause notices) मिले हैं, जो सीधे तौर पर कंपनी के कामकाज पर सवाल उठाते हैं।

क्या है गवर्नेंस में गड़बड़ी?

कंपनी ने खुद स्वीकार किया है कि उन्होंने SEBI के इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों का पालन नहीं किया है। इसके अलावा, कंपनी के पास अनिवार्य इंटरनल ऑडिटर भी नहीं है और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (ROC) के पास कई जरूरी ई-फॉर्म्स (E-forms) फाइल करने में भी कंपनी नाकाम रही है। मैनेजमेंट में इस्तीफों की लंबी कतार और ऑडिटर्स का बदलना कंपनी की अनिश्चितता को और बढ़ा रहा है।

निवेशकों के लिए चेतावनी

कंपनी ने यह भी कहा है कि वे अपने मौजूदा बिजनेस ऑपरेशन्स को 'प्रूनिंग डाउन' (छंटनी) कर रहे हैं, जिससे भविष्य की रेवेन्यू विजिबिलिटी पर भारी संकट है। फिलहाल, निवेशकों को रेगुलेटरी नोटिस पर होने वाली अगली कार्रवाई का इंतजार करना चाहिए क्योंकि इस समय शेयर में जोखिम काफी ज्यादा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.