Repro India ने सितंबर तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी को इस दौरान **₹4.75 करोड़** का नेट लॉस हुआ है, जबकि रेवेन्यू **₹178.62 करोड़** रहा। पिछले क्वार्टर के मुनाफे के पीछे संपत्ति की बिक्री का बड़ा हाथ था, जो अब नहीं है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का लेखा-जोखा
सितंबर में खत्म हुई तिमाही के लिए Repro India ने अपना रिपोर्ट कार्ड पेश कर दिया है। कंपनी ने ₹178.62 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹107.78 करोड़ के मुकाबले काफी बेहतर है। हालांकि, नेट प्रॉफिट के मोर्चे पर कंपनी पिछड़ गई और ₹4.75 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा। याद दिला दें कि जून तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹128.56 करोड़ पर पहुंचा था, जिसकी मुख्य वजह महापे में अपनी लीजहोल्ड प्रॉपर्टी को STT Global Data Centres India को बेचना था।
ग्लोबल मार्केट में विस्तार
नुकसान के बीच कंपनी अपने ग्लोबल फुटप्रिंट को बढ़ाने में जुटी है। Repro Books Limited के जरिए कंपनी ने अपनी नई सब्सिडियरी इकाइयां बनाई हैं। इसमें अगस्त 2026 में अमेरिका में Repro Books Inc. और अक्टूबर 2026 में UAE में Repro LLC की स्थापना शामिल है।
निवेशकों के लिए अहम संकेत
आंकड़े बताते हैं कि कंपनी का कोर प्रिंट सॉल्यूशंस बिजनेस तो बढ़ रहा है, लेकिन अभी भी यह वन-टाइम गेन्स (one-time gains) पर निर्भर है। निवेशकों की नजर अब इस पर होगी कि क्या ये नई विदेशी इकाइयां भविष्य में कंपनी की बॉटम लाइन को मजबूत कर पाएंगी या नहीं। फिलहाल, ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी को हासिल करना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
