Regent Enterprises ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए मजबूत आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर **₹1,125.54 करोड़** हो गया है और मुनाफा **₹3.98 करोड़** पर पहुंच गया है, हालांकि टैक्स संबंधी दिक्कतों ने मुनाफे पर असर डाला है।
मुनाफे में इजाफा और ऑपरेशनल ग्रोथ
Regent Enterprises के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा। कंपनी का रेवेन्यू ऑपरेशंस से बढ़कर ₹1,125.54 करोड़ हो गया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹749.25 करोड़ था। कंपनी का नेट प्रॉफिट भी ₹1.03 करोड़ से बढ़कर ₹3.98 करोड़ हो गया है, जिससे अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹1.19 पर पहुंच गया है।
टैक्स का पेंच और चुनौतियां
ऑपरेशनल रूप से कंपनी मजबूत दिख रही है, लेकिन नेट प्रॉफिट मार्जिन अभी भी 0.35% के निचले स्तर पर बना हुआ है। कंपनी को GST मुकदमेबाजी के चलते ₹83.28 लाख का चार्ज उठाना पड़ा है। इसके अलावा, 'इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर' के कारण ₹1.04 करोड़ का एकमुश्त इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) राइट-ऑफ करना पड़ा है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
मैनेजमेंट में बदलाव
कंपनी के गवर्नेंस के मोर्चे पर, बोर्ड ने Mr. Vikas Kumar को 5 साल के लिए होल-टाइम डायरेक्टर के रूप में फिर से नियुक्त किया है, जिनका नया कार्यकाल अप्रैल 2027 से शुरू होगा। साथ ही, नॉन-एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर Mr. Sachin Jain के पारिश्रमिक (remuneration) को भी मंजूरी दे दी गई है।
अगले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने कोर बिजनेस यानी एडिबल ऑयल डिस्ट्रीब्यूशन को कैसे बढ़ाती है और टैक्स संबंधी विवादों को कैसे सुलझाती है।
