Reetech International का ऑपरेशनल रेवेन्यू फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में शून्य (Zero) रहा है, जो पिछले साल **₹11.93 करोड़** था। कंपनी ने कोर बिजनेस से कमाई न होने के बावजूद **₹0.19 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है और अब रियल एस्टेट व लॉजिस्टिक्स सेक्टर में कदम रखने की तैयारी कर रही है।
मुनाफे का रहस्य
जहां कंपनी का मुख्य ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹0.00 करोड़ रहा, वहीं कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹0.19 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले साल कंपनी को ₹0.25 करोड़ का नुकसान हुआ था। इस बार मुनाफे का मुख्य कारण अन्य सोर्स से होने वाली इनकम और एसोसिएट्स से मिलने वाला प्रॉफिट है।
नई रणनीति: रियल एस्टेट की ओर रुख
कंपनी ने 23 सितंबर 2026 को रायपुर में होने वाली अपनी 18वीं AGM (Annual General Meeting) में एक बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया है। बोर्ड अब अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में बदलाव कर रियल एस्टेट डेवलपमेंट, लैंड ट्रेडिंग, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर में उतरने की योजना बना रहा है।
बड़े कॉर्पोरेट एक्शन और रिस्क
AGM में शेयरहोल्डर्स से कई अहम मुद्दों पर मंजूरी ली जाएगी:
- नए बिजनेस में एंट्री के लिए ऑब्जेक्ट क्लॉज में बदलाव।
- डायरेक्टर्स और उनसे संबंधित एंटिटीज (जैसे महेंद्र आहूजा और रोमा आहूजा) के साथ ₹10 करोड़ प्रति ट्रांजैक्शन की लिमिट वाले बड़े रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन।
- डायरेक्टर रोमा आहूजा की दोबारा नियुक्ति।
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा रिस्क यह है कि कंपनी का कोर बिजनेस अभी बंद है और पूरी तरह से नॉन-ऑपरेशनल इनकम पर निर्भर है। साथ ही, रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन की बड़ी लिमिट गवर्नेंस से जुड़े सवाल भी खड़े करती है, जिस पर निवेशकों को पैनी नजर रखनी चाहिए।
