Rathi Steel & Power Ltd के बोर्ड ने DBG Leasing and Housing Limited को 'प्रमोटर' कैटेगरी से हटाकर 'पब्लिक' कैटेगरी में शामिल करने की मंजूरी दे दी है। यह बदलाव DBG की कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी प्रक्रिया और मैनेजमेंट में आए बदलाव के बाद लिया गया है।
मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 28 सितंबर 2026 को हुई मीटिंग में यह फैसला लिया गया। कंपनी ने साफ किया है कि DBG Leasing अब Rathi Steel में किसी भी तरह का मैनेजमेंट कंट्रोल नहीं रखती है। कंपनी के मुताबिक, DBG के पास अब 10% से कम वोटिंग राइट्स हैं और बोर्ड में उनकी कोई सीट या अहम पद नहीं है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
यह कदम DBG द्वारा 19 सितंबर 2026 को किए गए अनुरोध के बाद उठाया गया है। दरअसल, DBG Leasing खुद 'इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड' (IBC) के तहत कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से गुजरी है। 13 जून 2025 के NCLT ऑर्डर के बाद DBG के मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव आया था, जिसके चलते अब उसे Rathi Steel के प्रमोटर के तौर पर रखना व्यवहारिक नहीं रह गया था।
नियमों का पालन
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह रीक्लासिफिकेशन SEBI के रेगुलेशन 31A के तहत किया जा रहा है और इससे कंपनी के मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) नियमों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। फिलहाल, इस प्रस्ताव को स्टॉक एक्सचेंज, शेयरहोल्डर्स और अन्य रेगुलेटरी संस्थाओं से अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।
