Rama Paper Mills: दिवालिया प्रक्रिया में फंसी कंपनी, कामकाज बंद और भारी घाटे की मार

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Rama Paper Mills: दिवालिया प्रक्रिया में फंसी कंपनी, कामकाज बंद और भारी घाटे की मार

Rama Paper Mills Ltd भारी वित्तीय संकट से जूझ रही है। कंपनी NCLT के तहत दिवालिया प्रक्रिया (CIRP) से गुजर रही है और वर्किंग कैपिटल की कमी के कारण इसके सभी ऑपरेशन्स बंद हैं। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए **₹6.14 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है।

ऑपरेशन्स पर ताला

कंपनी की 41वीं एनुअल रिपोर्ट के अनुसार, वर्किंग कैपिटल की भारी कमी के चलते प्लांट पूरी तरह से 'शट मोड' में है। कंपनी की हालत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रेवेन्यू पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹6.88 करोड़ से गिरकर इस बार मात्र ₹1.41 करोड़ पर आ गया है। कंपनी का नेट वर्थ भी घटकर नेगेटिव ₹51.15 करोड़ हो चुका है।

NCLT और रिजॉल्यूशन का रास्ता

इलाहाबाद बेंच के NCLT ने 7 जून, 2024 को अमर उजाला लिमिटेड की याचिका पर इस प्रक्रिया को शुरू किया था। संदीप कुमार अग्रवाल को रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (RP) नियुक्त किया गया है, जिसके बाद बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के अधिकार निलंबित हैं।

अब सबकी नजरें Poddar Global Limited द्वारा पेश किए गए उस रिजॉल्यूशन प्लान पर टिकी हैं, जिसे कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) ने तो मंजूरी दे दी है, लेकिन अंतिम मुहर अभी NCLT की तरफ से आनी बाकी है।

ऑडिटर्स की चेतावनी

स्टैच्युरी ऑडिटर्स, जगदीश चंद एंड कंपनी, ने कंपनी की 'गोइंग कंसर्न' स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रमुख चिंताओं में शामिल हैं:

  • ₹9.91 करोड़ के इंटर-कॉर्पोरेट डिपॉजिट पर ब्याज का हिसाब न देना।
  • संपत्ति और प्लांट का फिजिकल वेरिफिकेशन न होना।
  • MSMED एक्ट के नियमों का पालन न करना।

आगामी 30 सितंबर, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में स्थिति और साफ होने की उम्मीद है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.