Rajeswari Infrastructure Limited ने अपने NCLT-अप्रूव्ड रिजॉल्यूशन प्लान को लागू करने के लिए **25 सितंबर, 2026** को रिकॉर्ड डेट तय किया है। यह कंपनी की कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) का अंतिम चरण है।
रिजॉल्यूशन प्लान का असर
कंपनी के लिए 13 जनवरी, 2026 को चेन्नई NCLT ने रिजॉल्यूशन प्लान को मंजूरी दी थी। अब इस प्लान को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। निवेशकों के लिए यह एक अहम मोड़ है, क्योंकि कंपनी अब बड़े बदलावों से गुजरने वाली है।
क्या होगा शेयरधारकों के साथ?
रिकॉर्ड डेट तय होने का सीधा मतलब है कि अब कंपनी के शेयर कैपिटल का पुनर्गठन (Restructuring) होगा। इसके तहत मुख्य रूप से तीन बड़े कदम उठाए जाएंगे:
- कैपिटल रिडक्शन: पुरानी इक्विटी में भारी कटौती संभव है।
- शेयर कंसोलिडेशन: शेयरों की संख्या और उनकी फेस वैल्यू में बदलाव आएगा।
- फ्रेश इक्विटी: नए प्रमोटर्स या रिजॉल्यूशन एप्लिकेंट द्वारा नई पूंजी डाली जाएगी।
इन बदलावों के कारण मौजूदा शेयरधारकों की होल्डिंग की संख्या और हिस्सेदारी का प्रतिशत बदल सकता है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
इनसॉल्वेंसी प्रक्रिया से गुजरने वाली कंपनियों में निवेश हमेशा जोखिम भरा होता है। शेयर कैपिटल में कमी (Capital Reduction) से आपकी मौजूदा होल्डिंग की वैल्यू पर असर पड़ सकता है। आने वाले समय में कंपनी द्वारा शेयर कंसोलिडेशन के रेशियो और रिडक्शन की प्रक्रिया पर नजर रखें, क्योंकि यही आपकी पोर्टफोलियो की दिशा तय करेंगे।
