Rajeswari Infrastructure: दिवालिया प्रक्रिया से बाहर आई कंपनी, बोर्ड का हुआ पुनर्गठन

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Rajeswari Infrastructure: दिवालिया प्रक्रिया से बाहर आई कंपनी, बोर्ड का हुआ पुनर्गठन

Rajeswari Infrastructure ने FY26 की अपनी 33वीं एनुअल रिपोर्ट जारी की है। कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से बाहर निकलने के बाद कंपनी ने **₹0.13 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है।

रिवाइवल की कोशिश में कंपनी

दिवालिया प्रक्रिया यानी CIRP के सफल समापन के बाद Rajeswari Infrastructure अब अपने ऑपरेशंस को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश कर रही है। वित्तीय वर्ष 2026 के लिए कंपनी का रेवेन्यू नाममात्र ₹0.09 लाख रहा, जबकि खर्चे ₹13.14 लाख दर्ज किए गए। नतीजतन, कंपनी को ₹13.05 लाख (लगभग ₹0.13 करोड़) का नेट लॉस हुआ है।

ऑडिट रिपोर्ट पर सवाल

निवेशकों के लिए ध्यान देने वाली बात यह है कि कंपनी के ऑडिटर्स ने 'डिस्क्लेमर ऑफ ओपिनियन' जारी किया है। इसका मतलब है कि जरूरी रिकॉर्ड्स और दस्तावेजों तक पहुंच न होने के कारण ऑडिटर्स ने वित्तीय आंकड़ों पर स्पष्ट राय नहीं दी है, जो कंपनी के सामने चल रही पारदर्शिता की चुनौती को दर्शाता है।

क्या है आगे का प्लान?

कंपनी ने अपने बोर्ड का पुनर्गठन कर लिया है। 22 जुलाई, 2026 को नए बोर्ड का गठन हुआ, जिसमें Dayalan Keerthivasan और Maniraj Arjunan को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के तौर पर शामिल किया गया है। अब 29 सितंबर, 2026 को होने वाली 33वीं AGM में शेयरहोल्डर्स इन नियुक्तियों और कंपनी की भविष्य की स्ट्रैटेजी पर फैसला लेंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विस अपार्टमेंट्स के सेक्टर में कंपनी नए बिजनेस अवसरों की तलाश कर रही है, लेकिन इसकी सफलता पूरी तरह से रिजॉल्यूशन प्लान के क्रियान्वयन पर टिकी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.