Raghunath International के लिए वित्त वर्ष 2026 चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट **₹99.48 लाख** पर सिमट गया है, जो पिछले साल **₹228.30 लाख** था। साथ ही, ऑडिटर ने निवेश की वैल्यूएशन को लेकर सवाल उठाए हैं।
बिगड़ती फाइनेंशियल सेहत
कंपनी की ओर से जारी 32वीं सालाना रिपोर्ट के अनुसार, स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इतना ही नहीं, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू भी गिरकर ₹190.57 लाख रह गया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹389.71 लाख था। मुनाफे में कमी के कारण इस बार कंपनी ने डिविडेंड की घोषणा नहीं की है।
ऑडिटर्स की 'क्वालीफाइड ओपिनियन'
कंपनी के स्टेट्यूटरी ऑडिटर, V.V.G & Co. ने निवेश की वैल्यूएशन को लेकर 'क्वालीफाइड ओपिनियन' जारी किया है। दरअसल, कंपनी ने नॉन-करंट इक्विटी इनवेस्टमेंट्स को 'फेयर वैल्यू' के बजाय 'कॉस्ट' पर दर्ज किया है, जो Ind AS 109 के नियमों के मुताबिक नहीं है। मैनेजमेंट का कहना है कि वैल्यूएशन का काम अभी जारी है।
AGM और भविष्य की राह
29 सितंबर, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में कई अहम फैसलों पर मुहर लगेगी:
- सुनील सिंह को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और अभिनव नौटियाल को नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर नियमित करना।
- बोर्ड को ₹100 करोड़ तक का कर्ज लेने की मंजूरी देना।
- लोन, गारंटी या निवेश के लिए ₹100 करोड़ तक की लिमिट तय करना।
मैनेजमेंट अब रियल एस्टेट और इससे जुड़े सेक्टर्स पर अपना फोकस शिफ्ट कर रहा है। हालांकि, गिरते फाइनेंशियल नंबर्स और ऑडिटर्स की आपत्तियों के चलते निवेशकों को आने वाले समय में कंपनी की परफॉर्मेंस पर कड़ी नजर रखनी होगी।
