Radhagobind Commercial Ltd ने अपनी 11वीं कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) मीटिंग **22 सितंबर 2026** के लिए निर्धारित की है। इस बैठक में मुख्य रूप से रिजॉल्यूशन प्लान और **90 दिनों** तक के लिए CIRP विस्तार पर चर्चा की जाएगी।
11वीं CoC मीटिंग का एजेंडा
रेजोल्यूशन प्रोफेशनल, मिस्टर नजीब टी पी ने Radhagobind Commercial Ltd के लिए 11वीं कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) की बैठक बुलाई है। यह मीटिंग 22 सितंबर 2026 को कन्नूर, केरल में आयोजित होगी, जिसमें डिजिटल माध्यम से भी शामिल होने की सुविधा दी गई है।
क्यों अहम है यह बैठक?
यह कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) का एक अहम मोड़ है। क्रेडिटर्स इस बैठक में रेजोल्यूशन प्लान का चयन करेंगे, जो कंपनी के भविष्य की दिशा तय करेगा। रेजोल्यूशन प्लान का फाइनल होना कंपनी को इनसॉल्वेंसी से बाहर निकालने के लिए अनिवार्य है।
90 दिनों के विस्तार पर मंथन
NCLT कोलकाता बेंच के हालिया निर्देशों (केस I.A. (IBC) No. 549/KB/2026) के बाद, मैनेजमेंट और क्रेडिटर्स अब CIRP की समयसीमा को 90 दिनों तक बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि डेट रीस्ट्रक्चरिंग और रिकवरी स्ट्रैटेजी को लेकर अभी भी आम सहमति बनाने के लिए और समय की दरकार है।
निवेशकों के लिए जोखिम
निवेशकों को इस प्रक्रिया पर बारीक नजर रखने की जरूरत है। इनसॉल्वेंसी की कार्यवाही में इक्विटी वैल्यू को लेकर काफी अनिश्चितता बनी रहती है। यदि रेजोल्यूशन प्लान पास नहीं हो पाता है, तो कंपनी के पास लिक्विडेशन का जोखिम भी बना रहेगा। साथ ही, कंपनी की लिक्विडिटी की समस्या को देखते हुए 'इंटरिम फाइनेंस' पर भी चर्चा एजेंडे में शामिल है।
आगे क्या होगा?
अगले बड़े माइलस्टोन के रूप में यह देखना अहम होगा कि क्या क्रेडिटर्स 90 दिन का विस्तार मंजूर करते हैं और कब तक कोई ठोस रेजोल्यूशन प्लान स्वीकार किया जाता है।
