Race Eco Chain Limited को BSE और NSE से डीमर्जर के लिए 'नो-एडवर्स-ऑब्जर्वेशन' लेटर मिल गया है। इस योजना के तहत Biomass और Restore Bag डिवीजन को अलग-अलग कंपनियों में शिफ्ट किया जाएगा।
डीमर्जर की प्रक्रिया में बड़ी प्रगति
Race Eco Chain Limited ने अपनी प्रस्तावित 'कॉम्पोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट' के लिए स्टॉक एक्सचेंज (BSE और NSE) से जरूरी अनुमति हासिल कर ली है। इन एक्सचेंज लेटर्स की वैधता 6 महीने यानी 21 सितंबर, 2026 तक है। इस समय सीमा के भीतर कंपनी को अपनी योजना NCLT के पास दाखिल करनी होगी।
बिजनेस का बंटवारा
इस रीस्ट्रक्चरिंग के तहत कंपनी अपने दो प्रमुख डिवीजनों को अलग कर रही है:
- Biomass Division: इसे Geoeco Green Energy Limited में ट्रांसफर किया जाएगा।
- Restore Bag Division: इसे Race Gateway Limited में शिफ्ट किया जाएगा।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
यह डीमर्जर निवेशकों को उन व्यवसायों को समझने में स्पष्टता देगा, जिनकी ग्रोथ और कैपिटल जरूरतें अलग हैं। हालांकि, शेयरधारकों के लिए अंतिम लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी का शेयर स्वैप रेश्यो (Share Swap Ratio) और वैल्यूएशन रिपोर्ट क्या रहती है। यह स्पष्ट होना जरूरी है कि मौजूदा शेयरधारकों को नई कंपनियों में कितनी हिस्सेदारी मिलेगी।
आगे की चुनौतियां
एक्सचेंज से मिली मंजूरी डीमर्जर पूरा होने का संकेत नहीं है। अब कंपनी को NCLT, शेयरधारकों और क्रेडिटर्स से मंजूरी लेनी बाकी है। यदि सभी प्रक्रियाएं सफल रहती हैं, तो Geoeco Green Energy और Race Gateway को NCLT के आदेश मिलने के 60 दिनों के भीतर लिस्टिंग की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। निवेशकों को अब वैल्यूएशन रिपोर्ट और शेयर अलॉटमेंट डिटेल्स का इंतजार करना चाहिए।
