RRP Semiconductor के लिए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी ने मुनाफे से घाटे की ओर रुख किया है और अब **₹775.67 लाख** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। साथ ही, SEBI की जांच और BSE के साथ लिस्टिंग विवाद ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
कंपनी के ताजा नतीजों के मुताबिक, मार्च 2026 में खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने ₹775.67 लाख का नेट लॉस दर्ज किया है। पिछले साल कंपनी ₹846.37 लाख के मुनाफे में थी, जो अब नकारात्मक हो गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस भी घटकर -₹682.14 लाख पर आ गया है।
रेगुलेटरी दबाव में कंपनी
कंपनी की मुसीबतें सिर्फ खराब नतीजों तक सीमित नहीं हैं। 10 अप्रैल, 2026 को जारी SEBI के एक अंतरिम आदेश में कंपनी पर प्राइस मैनिपुलेशन के आरोप लगे हैं, जिसमें प्रमोटर्स और प्रेफरेंशियल अलॉटीज भी शामिल हैं। इसके अलावा, BSE ने 1.35 करोड़ शेयरों के प्रेफरेंशियल इश्यू की लिस्टिंग और ट्रेडिंग मंजूरी वापस ले ली है, जिसके खिलाफ कंपनी Securities Appellate Tribunal (SAT) में अपील कर रही है।
ऑडिट बदलाव और कानूनी कदम
M/s. PAMS & Associates के इस्तीफे के बाद कंपनी M/s. Lipika & Associates को नए ऑडिटर के रूप में नियुक्त करने की तैयारी में है, जिस पर 30 सितंबर, 2026 को होने वाली AGM में फैसला लिया जाएगा। कंपनी ने अपने बारे में सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों के खिलाफ FIR भी दर्ज कराई है। इसके साथ ही, प्रोजेक्ट्स में देरी के चलते Telecrown Infratech Private Limited से ₹12 करोड़ की सिक्योरिटी डिपॉजिट रिकवर करने की कोशिश भी चल रही है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
फिलहाल SEBI की जांच का नतीजा और SAT का फैसला कंपनी के भविष्य के लिए सबसे अहम है। ऑपरेशनल रेवेन्यू का निगेटिव होना और रेगुलेटरी सख्ती के कारण निवेशकों को अभी सतर्क रहने की सलाह है।
