SEBI की जांच और प्राइस मैनिपुलेशन के आरोपों के बीच RRP Semiconductor ने अपने सभी मुख्य बिजनेस ऑपरेशन्स को सस्पेंड कर दिया है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का कामकाज शून्य रहा है और प्रमोटर्स के शेयर भी फ्रीज कर दिए गए हैं।
ऑपरेशन्स पर ताला
कंपनी ने अपनी बिजनेस रिस्पॉन्सिबिलिटी और सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि वित्त वर्ष 2025-26 में उनका सेमीकंडक्टर बिजनेस पूरी तरह से बंद रहा। इसका टर्नओवर महज ₹6.82 करोड़ रहा, जबकि नेट वर्थ ₹9.04 करोड़ दर्ज की गई। कंपनी ने इस रुकावट की मुख्य वजह राजिंदर चोडनकर द्वारा लाए गए ओपन ऑफर को बताया है।
SEBI की सख्ती
10 अप्रैल 2026 को SEBI द्वारा जारी एक अंतरिम आदेश ने कंपनी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नियामक ने प्रमोटर्स और डायरेक्टर्स पर प्राइस और ट्रेडिंग मैनिपुलेशन का आरोप लगाया है, जिसके बाद उनके डीमैट अकाउंट्स फ्रीज कर दिए गए हैं। इससे कंपनी की गवर्नेंस और ट्रेडिंग पर गंभीर असर पड़ा है।
कानूनी पचड़ों में फंसा मामला
कंपनी के लिए परेशानियां पुरानी हैं। अप्रैल 2025 में BSE ने 1.35 करोड़ से अधिक शेयरों के प्रिफरेंशियल इश्यू को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। कंपनी ने इसे Securities Appellate Tribunal (SAT) में चुनौती दी है, जहां फिलहाल स्टेटस को (Status Quo) का आदेश है।
निवेशकों के लिए जोखिम
मौजूदा समय में कंपनी के पास कोई भी रेवेन्यू जेनरेटिंग एक्टिविटी नहीं है, जो भविष्य के लिए बड़ा जोखिम है। प्रमोटर शेयर्स फ्रीज होने और इंटरनल कंट्रोल्स न होने से कंपनी के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। आगे की राह केवल SAT के फैसलों और SEBI के अगले आदेश पर टिकी है, इसलिए निवेशकों को सावधान रहने की जरूरत है।
