RLF Ltd के प्रमोटर आदित्य खन्ना ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी **3.88%** बढ़ा ली है। उन्होंने बकाया लोन को **6,50,000** इक्विटी शेयरों में बदलकर अपनी कुल होल्डिंग को **21.22%** तक पहुँचा दिया है।
प्रमोटर की बढ़ी हिस्सेदारी
RLF Ltd के प्रमोटर आदित्य खन्ना ने 2 सितंबर, 2026 को प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए 6,50,000 नए शेयर हासिल किए हैं। इस कदम के बाद कंपनी में उनकी कुल हिस्सेदारी 17.34% से बढ़कर 21.22% हो गई है। अब उनके पास कंपनी के कुल 23,21,852 शेयर हो गए हैं।
बैलेंस शीट पर असर
कंपनी ने इस कदम को अपनी देनदारियों (liabilities) को कम करने की रणनीति के तौर पर लिया है। डेट-टू-इक्विटी कन्वर्जन (Debt-to-equity conversion) से कंपनी पर ब्याज का बोझ घटेगा, जिससे कैश फ्लो बेहतर होने की उम्मीद है। यह प्रमोटर का कंपनी के भविष्य में भरोसे को भी दर्शाता है।
शेयर कैपिटल में बदलाव
इस अलॉटमेंट के बाद RLF Ltd की पेड-अप शेयर कैपिटल ₹9.64 करोड़ से बढ़कर ₹10.94 करोड़ हो गई है। वहीं, कुल आउटस्टैंडिंग शेयरों की संख्या 96,43,460 से बढ़कर 1,09,43,460 हो गई है।
निवेशकों के लिए सबक
हालांकि कर्ज कम होने से बैलेंस शीट मजबूत हुई है, लेकिन मौजूदा शेयरधारकों को 'इक्विटी डाइल्यूशन' (Equity Dilution) का सामना करना पड़ेगा। इसका मतलब है कि निकट भविष्य में कंपनी की अर्निंग पर शेयर (EPS) पर असर पड़ सकता है। अब निवेशकों की नजर कंपनी के अगले क्वार्टरली नतीजों पर होगी, ताकि यह देखा जा सके कि यह रणनीति कितना असर दिखाती है।
