RLF Ltd ने कर्ज के बोझ को कम करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने प्रमोटर्स को **13 लाख** नए शेयर **₹10.50** प्रति शेयर के भाव पर जारी करने को मंजूरी दी है, जिससे कंपनी के अनसिक्योर्ड लोन को इक्विटी में बदला जाएगा।
कर्ज से मुक्ति की रणनीति
RLF Ltd के बोर्ड ने 2 सितंबर, 2026 को प्रमोटर्स के अनसिक्योर्ड लोन को इक्विटी में बदलने का फैसला किया है। इस प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए कंपनी कुल ₹1.36 करोड़ का कर्ज खत्म करेगी। इस अलॉटमेंट के बाद कंपनी का कुल इक्विटी कैपिटल बढ़कर ₹10.94 करोड़ हो गया है, जिसमें कुल 1.09 करोड़ शेयर शामिल हैं।
प्रमोटर्स की हिस्सेदारी और असर
इस कदम से कंपनी की बैलेंस शीट पहले से ज्यादा मजबूत होगी क्योंकि इसमें कैश आउटफ्लो की जरूरत नहीं पड़ी। प्रमोटर्स आशीष खन्ना और आदित्य खन्ना की संयुक्त हिस्सेदारी अब बढ़कर 42.44% हो गई है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस बदलाव से कंपनी के कंट्रोल में कोई बदलाव नहीं आएगा।
कॉरपोरेट गवर्नेंस और ऑडिट अपडेट्स
बैलेंस शीट सुधारने के साथ ही, कंपनी ने ऑडिट और गवर्नेंस में भी नए बदलाव किए हैं:
- M/s. Mayuri Sinha & Co. को सेक्रेटेरियल ऑडिटर नियुक्त किया गया है।
- M/s. Raj Anirudh & Associates को फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए इंटरनल ऑडिटर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- इसके अलावा, कंपनी अपनी 46वीं AGM (Annual General Meeting) की तैयारी में जुट गई है, जिसके लिए वोटिंग प्रक्रिया की निगरानी भी Mayuri Sinha & Co. करेगी।
निवेशकों को अब आने वाले समय में कंपनी के ईपीएस (EPS) पर इस बदलाव के असर पर नजर रखनी चाहिए और AGM की तारीखों का इंतजार करना चाहिए।
