RITES Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹454.44 करोड़** पहुंच गया है और निवेशकों के लिए **₹2.75** के फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया गया है।
मुनाफे की रफ्तार और डिविडेंड
कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के रिपोर्ट कार्ड पर नजर डालें, तो ऑपरेशन्स से रेवेन्यू ₹2,415.08 करोड़ दर्ज किया गया है। पिछले साल के ₹423.66 करोड़ के मुकाबले इस बार नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹454.44 करोड़ रहा। कंपनी ने पूरे साल के लिए ₹7.95 प्रति शेयर का कुल डिविडेंड तय किया है, जिसमें ₹2.75 का फाइनल डिविडेंड शामिल है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 20 सितंबर 2026 तय की गई है।
ऑर्डर बुक का दम और गवर्नेंस की चुनौती
कंपनी की ऑर्डर बुक अब तक के रिकॉर्ड स्तर ₹9,416 करोड़ पर पहुंच गई है। कंसल्टेंसी बिजनेस के साथ-साथ मोजाम्बिक में लोकोमोटिव सप्लाई से एक्सपोर्ट सेगमेंट में भी ₹316 करोड़ की कमाई हुई है। हालांकि, अच्छी परफॉर्मेंस के बीच एक चिंता का विषय भी है। कंपनी SEBI और DPE के नियमों के तहत इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति न होने के चलते रेगुलेटरी नियमों का पूरी तरह पालन नहीं कर पा रही है। कंपनी का कहना है कि ये नियुक्तियां सरकारी प्रक्रिया का हिस्सा हैं और इसके लिए एक्सचेंज से पेनल्टी माफी की मांग की गई है।
आगे क्या होगा?
आगामी 25 सितंबर 2026 को कंपनी की 52वीं AGM होगी। इसमें राहुल मित्तल के CMD के तौर पर जून 2027 तक पुनर्नियुक्ति और बोर्ड में नए डायरेक्टर्स के शामिल होने पर चर्चा की जाएगी। निवेशकों को फिलहाल एक्सचेंज द्वारा पेनल्टी माफी की खबरों पर नजर रखनी चाहिए।
