Pulsar International Ltd की 35वीं AGM में निवेशकों ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजों पर तो मुहर लगा दी, लेकिन कंपनी के नए वैधानिक ऑडिटर (Statutory Auditor) की नियुक्ति के प्रस्ताव को भारी विरोध के साथ खारिज कर दिया गया।
क्या हुआ AGM में?
हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित Pulsar International Ltd की 35वीं एडजर्न AGM में दो मुख्य प्रस्ताव रखे गए थे। जहाँ एक तरफ कंपनी के 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को 99.99% वोटों के साथ मंजूरी मिल गई, वहीं दूसरी तरफ ऑडिटर को लेकर स्थिति बिगड़ गई।
ऑडिटर नियुक्ति पर क्यों अड़े निवेशक?
कंपनी ने M/s. Nirav S. Shah & Co. को वैधानिक ऑडिटर के तौर पर नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा था, जिसे शेयरधारकों ने सीधे तौर पर नकार दिया। कुल 1,24,98,482 वैध वोटों में से केवल 13.26% वोट ही पक्ष में पड़े, जबकि 86.74% वोट इस प्रस्ताव के खिलाफ डाले गए।
अब आगे क्या?
ऑडिटर की नियुक्ति का प्रस्ताव फेल होना कॉर्पोरेट गवर्नेंस के नजरिए से एक गंभीर स्थिति है। फिलहाल कंपनी के पास कोई वैधानिक ऑडिटर नहीं है, जो रेगुलेटरी अनुपालन (Regulatory Compliance) के लिहाज से बड़ी चिंता का विषय है। अब निवेशकों की नजर इस पर है कि कंपनी बोर्ड इस 'गवर्नेंस गैप' को भरने के लिए क्या कदम उठाता है। क्या कंपनी किसी नए नाम का प्रस्ताव रखेगी या फिर किसी EGM (Extraordinary General Meeting) के जरिए इस मामले को सुलझाया जाएगा, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
