Prudential Sugar Corporation ने FY26 के लिए **₹3.50 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल **₹2.10 करोड़** था। लेकिन कंपनी के अच्छे नतीजों के बीच ऑडिटर ने अकाउंटिंग और कानूनी विवादों पर गंभीर चिंताएं जाहिर की हैं।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और चुनौतियां
Prudential Sugar Corporation Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में ₹3.50 करोड़ का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स रिपोर्ट किया है, जो पिछले साल ₹2.10 करोड़ था। कंपनी की कुल इनकम भी मामूली बढ़त के साथ ₹100.24 करोड़ रही है। हालांकि, कागजों पर दिख रही यह बढ़त तब फीकी पड़ जाती है जब हम ऑडिट रिपोर्ट पर नजर डालते हैं।
ऑडिटर ने कंपनी की बैलेंस शीट पर 'क्वालिफाइड ओपिनियन' दिया है। इसमें Ind AS 101 के नियमों के पालन में खामियां, एसेट वैल्यूएशन के लिए पर्याप्त डॉक्यूमेंटेशन न होना और बिना पुष्टि किए गए इंटर-बैलेंस ट्रांसफर जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं।
कानूनी विवाद का साया
कंपनी के सिर पर ₹7.90 करोड़ की एक पेंडिंग आर्बिट्रेशन लायबिलिटी का खतरा मंडरा रहा है। इस पर 24% तक की भारी ब्याज दर लागू है। यदि हैदराबाद सिटी सिविल कोर्ट में चल रही अपील का फैसला कंपनी के पक्ष में नहीं आता है, तो यह कंपनी के मुनाफे पर बड़ा असर डाल सकता है।
सोलर एनर्जी में बड़ा दांव
अपने कोर शुगर बिजनेस से हटकर, कंपनी अब रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में कदम रख रही है। इसके तहत कंपनी ने Helios Sustainable Energy Limited में 95.24% की हिस्सेदारी ली है। जोधपुर, राजस्थान में सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की योजना है, जिसे FY 2027-28 की पहली तिमाही तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
मैनेजमेंट और AGM
आगामी 30 सितंबर, 2026 को होने वाली 35वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर Kurra Subba Rao की फिर से नियुक्ति और नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर Mahip Jain के चुनाव पर चर्चा होगी। निवेशकों को कंपनी के नए प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ इन कानूनी विवादों के निपटारे पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।
