Promact Plastics Ltd को फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में **₹72.42 लाख** का नेट लॉस हुआ है, जो पिछले साल के मुनाफे से काफी नीचे है। कंपनी ने अपनी मुख्यThe company saw a significant deterioration in its financial performance for the fiscal year ending March 31, 2026. operations बंद कर दी हैं और नेट वर्थ **₹255.18 लाख** निगेटिव हो गया है।
Promact Plastics की बढ़ी मुश्किलें, बंद हुईं मुख्यThe company saw a significant deterioration in its financial performance for the fiscal year ending March 31, 2026. operations
Promact Plastics Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹72.42 लाख का नेट लॉस दर्ज किया है, जो फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में हुए ₹12.56 लाख के मुनाफे की तुलना में बड़ी गिरावट है। कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) भी 80% से अधिक घटकर ₹17.48 लाख पर आ गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष में ₹91.63 लाख था।
क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
कंपनी के मैनेजमेंट ने इस बार कॉस्ट कटिंग पर काफी फोकस किया है, जिसका असर नतीजों पर साफ दिख रहा है। कंपनी के पिछले वित्तीय वर्ष के अंत में नेट वर्थ (Net Worth) ₹182.76 लाख निगेटिव था, जो अब घटकर ₹255.18 लाख निगेटिव हो गया है। यह कंपनी की कमजोर फाइनेंशियल पोजीशन को दर्शाता है।
मैनेजमेंट का बदला प्लान
Promact Plastics, जिसे पहले 'Promact Impex Limited' के नाम से जाना जाता था (नाम बदलकर 13 अक्टूबर 2025 से प्रभावी हुआ), अब अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव कर रही है। कंपनी अब मुख्यThe company saw a significant deterioration in its financial performance for the fiscal year ending March 31, 2026. operations की जगह ट्रेडिंग, किराए और ब्याज से होने वाली आय पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
कंपनी ने बोर्ड में कुछ नए नियुक्तियां भी की हैं। श्री अंकित जे. पटेल को मैनेजिंग डायरेक्टर (Managing Director) के तौर पर फिर से नियुक्त किया गया है। साथ ही, दो इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स (Independent Directors) - श्री प्रकाशचंद्र डी. पटेल और श्री बाबूभाई एच. पटेल को भी बोर्ड में शामिल किया गया है।
ऑडिटर की चिंताएं
कंपनी के ऑडिटर, Fenil P Shah & Associates, ने अपनी रिपोर्ट में मुख्यThe company saw a significant deterioration in its financial performance for the fiscal year ending March 31, 2026. operations के बंद होने को एक महत्वपूर्ण ऑडिट मामला बताया है। ऑडिटर ने यह भी कहा है कि कंपनी के खाते 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) के आधार पर तैयार किए गए हैं, लेकिन निगेटिव नेट वर्थ और लगातार हो रहे नुकसान से कंपनी की भविष्य की स्थिरता पर सवाल खड़े होते हैं।
आगे क्या?
निवेशकों को अब कंपनी की नई रणनीति, ट्रेडिंग, किराए और ब्याज से होने वाली आय से लाभ कमाने की क्षमता और किसी भी संभावित टर्नअराउंड (Turnaround) पहलों पर नजर रखनी चाहिए। आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 14 सितंबर 2026 को होगी, जो निवेशकों के लिए अपडेट्स का एक अहम मौका होगा।
