CRISIL Ratings ने Prism Johnson Ltd के **₹200 करोड़** के कमर्शियल पेपर पर 'CRISIL A1+' रेटिंग को बरकरार रखा है। कंपनी ने FY2026 में अपने कर्ज में भारी कटौती की है और नेट डेट-टू-EBITDA रेशियो को **1.2x** पर ला खड़ा किया है।
रेटिंग बरकरार रहने का मतलब
CRISIL Ratings ने Prism Johnson के कमर्शियल पेपर को 'A1+' रेटिंग दी है, जो इस बात का संकेत है कि कंपनी के पास अपनी वित्तीय जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए बहुत मजबूत स्थिति है। यह रेटिंग कंपनी के हालिया डिवेस्टमेंट (divestment) और कर्ज चुकाने की रणनीति की सफलता को दर्शाती है। कंपनी ने हाल ही में अपने ऑफिस प्रेमिसेस की बिक्री की है और Raheja QBE General Insurance में अपनी हिस्सेदारी भी बेची है, जिससे बैलेंस शीट काफी मजबूत हुई है।
शानदार फाइनेंशियल परफॉरमेंस
FY2026 में कंपनी की परफॉरमेंस पर नजर डालें तो रेवेन्यू ₹7,381 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹6,812 करोड़ के मुकाबले बेहतर है। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) ₹105 करोड़ दर्ज किया गया है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इंटरेस्ट कवरेज रेशियो बढ़कर 4.06 गुना हो गया है, जो बताता है कि कंपनी का कर्ज का बोझ अब पहले से ज्यादा सुरक्षित है। साथ ही, कंपनी के पास ₹548 करोड़ का शानदार कैश रिजर्व भी मौजूद है।
रिस्क और आगे का नजरिया
हालांकि सब कुछ अच्छा दिख रहा है, लेकिन निवेशकों को कुछ पहलुओं पर सावधानी बरतनी चाहिए। टाइल्स डिवीजन के लिए इस्तेमाल होने वाली LNG और प्रोपेन की कीमतों में अस्थिरता और सीमेंट इंडस्ट्री का साइक्लिक नेचर कंपनी के मार्जिन पर असर डाल सकता है। मैनेजमेंट ने उम्मीद जताई है कि FY2027 में EBITDA मार्जिन 9% से ऊपर बना रहेगा। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने नेट डेट-टू-EBITDA रेशियो को 0.5x के लक्ष्य से नीचे कैसे लाती है और सालाना कैपिटल एक्सपेंडिचर को ₹300-350 करोड़ के दायरे में कैसे रखती है।
