Pressure Sensitive Systems India ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने पिछले क्वार्टर के **₹11.08 करोड़** के नुकसान से उबरते हुए इस बार **₹3.69 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, हालांकि रेवेन्यू में मामूली गिरावट देखी गई है।
मुनाफे में वापसी और रेवेन्यू का हाल
सितंबर 2026 तिमाही में कंपनी के प्रदर्शन में बड़ा बदलाव दिखा है। पिछली तिमाही में ₹11.08 करोड़ का नुकसान झेलने वाली कंपनी ने इस बार ₹3.69 करोड़ का नेट प्रॉफिट पोस्ट किया है। इसके साथ ही कंपनी का बेसिक EPS भी जून तिमाही के -₹7.47 से सुधरकर ₹2.49 पर पहुंच गया है।
हालांकि, मुनाफे के बावजूद टॉप-लाइन पर दबाव साफ है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले क्वार्टर के ₹4.07 करोड़ से घटकर इस तिमाही में ₹3.45 करोड़ रह गया है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
बैलेंस शीट में बड़ा विस्तार
कंपनी ने अपने ऑपरेशंस में बड़े बदलाव किए हैं। मार्च 2026 में कंपनी की कुल एसेट्स ₹43.49 करोड़ थीं, जो अब बढ़कर ₹124.94 करोड़ के स्तर पर पहुंच गई हैं। कंपनी मुख्य रूप से ट्रेडिंग सेगमेंट में काम करती है।
ऑडिटर्स की चेतावनी (Risks to Watch)
इस तिमाही नतीजों के साथ कंपनी के ऑडिटर 'Sarang Shivajirao Chavan and Associates' ने एक 'Other Matter' ऑब्जर्वेशन जारी किया है। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि ट्रेड रिसीवेबल्स, ट्रेड पेयबल्स और लोन अभी भी कन्फर्मेशन और रिकंसीलिएशन (Reconciliation) के दौर में हैं। इसका मतलब यह है कि अभी यह तय नहीं है कि इन आंकड़ों का कंपनी के भविष्य के वित्तीय नतीजों पर क्या असर पड़ेगा।
