Premier Ltd: भारी संकट में कंपनी, Net Worth हुई पूरी तरह खत्म, NCLT के फैसले का इंतजार

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Premier Ltd: भारी संकट में कंपनी, Net Worth हुई पूरी तरह खत्म, NCLT के फैसले का इंतजार

Premier Ltd की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कंपनी अभी भी Corporate Insolvency Resolution Process (CIRP) के अधीन है। FY26 में कंपनी का रेवेन्यू शून्य रहा और **₹5.87 करोड़** का नेट लॉस हुआ है। ऑपरेशंस पूरी तरह बंद हैं और नेट वर्थ पूरी तरह से इरोड हो चुकी है।

भारी वित्तीय संकट और ठप कामकाज

Premier Ltd की ओर से जारी ताजा सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का कामकाज मार्च 2020 से ही पूरी तरह से ठप पड़ा है। इस फाइनेंशियल ईयर में कंपनी को ₹5.87 करोड़ का घाटा हुआ है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा ₹8.14 करोड़ था। फिलहाल कंपनी की पूरी कमान रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (RP) के हाथों में है और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की शक्तियां सस्पेंड हैं।

NCLT पर टिकी निगाहें

जनवरी 2022 में क्रेडिटर्स की कमेटी (CoC) ने रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दी थी, लेकिन यह मामला अभी भी NCLT मुंबई बेंच के पास पेंडिंग है। कंपनी के रिवाइवल के लिए यही एकमात्र रास्ता है, जिस पर निवेशकों की नजरें टिकी हैं। कंपनी के पास काम शुरू करने के लिए जरूरी वर्किंग कैपिटल का भी अभाव है।

रेगुलेटरी अनुपालन की बड़ी चुनौतियां

ऑडिटर्स ने कंपनी की 'गोइंग कंसर्न' स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कंपनी के सामने कई चुनौतियां हैं:

  • CFO और कंपनी सेक्रेटरी की नियुक्ति नहीं हुई है।
  • स्टॉक एक्सचेंज की लिस्टिंग फीस का भुगतान पेंडिंग है।
  • कंपनी की वेबसाइट भी फंक्शनल नहीं है।
  • इनसाइडर ट्रेडिंग रेगुलेशंस और इंटरनल ऑडिट की व्यवस्था का अभाव है।

भारी कर्ज का बोझ

कंपनी पर भारी वैधानिक देनदारियां बाकी हैं, जिनमें ₹4.08 करोड़ का लोकल बॉडी टैक्स, ₹2.83 करोड़ का प्रोविडेंट फंड (PF) और ₹1.15 करोड़ का TDS शामिल है। साथ ही, लेबर यूनियन के साथ बकाया वेतन को लेकर चल रहे विवाद भी NCLT में विचाराधीन हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.