Pradhin Ltd के लिए इंसॉल्वेंसी की प्रक्रिया में एक बड़ा कदम आगे बढ़ा है। कंपनी की कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) ने Form-G पब्लिश करने को मंजूरी दे दी है, जिससे अब संभावित खरीदारों से बोलियां आमंत्रित की जाएंगी।
NCLT की देखरेख में आगे बढ़ी प्रक्रिया
Pradhin Limited के लिए इंसॉल्वेंसी की राह अब और साफ हो गई है। 2 जुलाई, 2026 को NCLT चेन्नई के आदेश के बाद शुरू हुई इस कानूनी प्रक्रिया के तहत अब एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया गया है।
Form-G का क्या मतलब है?
2 सितंबर, 2026 को हुई तीसरी CoC मीटिंग में, इंटरिम रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) को Form-G पब्लिश करने की अनुमति मिल गई है। इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड के तहत यह एक 'इनविटेशन फॉर एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट' (Expression of Interest) है। आसान भाषा में समझें तो, अब बाजार से उन निवेशकों को बुलाया जा रहा है जो कंपनी को खरीदने या उसे रिवाइव करने (Revive) का प्लान रखते हैं।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risk Factors)
रिटेल निवेशकों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि CIRP की प्रक्रिया में काफी अनिश्चितता बनी रहती है। फिलहाल कंपनी का भविष्य पूरी तरह से इस पर निर्भर है कि क्या कोई ठोस 'रेजोल्यूशन प्लान' सामने आता है। यदि चीजें उम्मीद के मुताबिक नहीं रहीं, तो शेयरधारकों की इक्विटी (Equity) पर बड़ा असर पड़ सकता है और वैल्यू पूरी तरह खत्म भी हो सकती है।
आगे क्या देखना होगा?
अगले कुछ हफ्तों में यह साफ हो जाएगा कि कौन सी कंपनियां या निवेशक Pradhin Ltd में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसके बाद सबमिट की गई योजनाओं का मूल्यांकन होगा और अंत में NCLT की अंतिम मुहर के बाद ही कंपनी की किस्मत का फैसला होगा। निवेशकों को IRP की ओर से आने वाले हर नए अपडेट पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।
