Pitti Engineering: Dakshin Foundry के मर्जर के साथ आई एक और खबर, **₹4.91 करोड़** का टैक्स विवाद

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Pitti Engineering: Dakshin Foundry के मर्जर के साथ आई एक और खबर, **₹4.91 करोड़** का टैक्स विवाद

Pitti Engineering ने Dakshin Foundry Private Limited का विलय पूरा कर लिया है। हालांकि, इस मर्जर के साथ कंपनी को **₹4.91 करोड़** के तीन पुराने टैक्स विवाद विरासत में मिले हैं, जो फिलहाल कमिश्नर ऑफ सेंट्रल टैक्स (Appeals) के पास लंबित हैं।

मर्जर के बाद की स्थिति

Pitti Engineering Limited ने 23 सितंबर, 2026 से Dakshin Foundry के साथ अपने विलय को आधिकारिक तौर पर पूरा कर लिया है। इस प्रक्रिया के तहत, अधिग्रहित कंपनी (Acquired Entity) की सभी संपत्तियां, देनदारियां और कानूनी मामले अब Pitti Engineering का हिस्सा बन गए हैं। SEBI के नियमों के तहत पारदर्शिता बरतते हुए कंपनी ने इन कानूनी विवादों की जानकारी शेयर बाजार को दी है।

क्या है विवाद की जड़?

विरासत में मिले ये तीन टैक्स मामले फाइनेंशियल ईयर 2018-19 से 2022-23 के बीच के हैं। ये विवाद मुख्य रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के उपयोग, भुगतान में कमी और रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म (RCM) से जुड़े हैं।

मैनेजमेंट का रुख

कंपनी के मैनेजमेंट का मानना है कि ये टैक्स मांगें कानूनी रूप से टिकने वाली नहीं हैं और उन्हें अपील प्रक्रिया में सकारात्मक परिणाम की पूरी उम्मीद है। इन मामलों को कंपनी ने अपनी कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स में 'कंटिंजेंट लायबिलिटी' (Contingent Liability) के तौर पर रखा है।

फिलहाल, कंपनी के कामकाज पर इसका कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। निवेशकों को सलाह है कि वे आगामी तिमाही रिपोर्टों में इन कानूनी अपीलों की स्थिति पर नजर रखें, क्योंकि भविष्य में किसी भी प्रतिकूल फैसले से कंपनी पर कैश आउटफ्लो का दबाव पड़ सकता है, हालांकि फिलहाल इसकी संभावना काफी कम जताई गई है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.