Petronet LNG ने 'Use or Pay Charges' पर लगे ₹283.72 करोड़ के GST डिमांड को चुनौती दी है। कंपनी ने गुजरात हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की है और स्पष्ट किया है कि इससे उनके कामकाज पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
कानूनी लड़ाई की शुरुआत
Petronet LNG Limited ने डायरेक्टरेट जनरल ऑफ GST इंटेलिजेंस, दिल्ली ज़ोनल यूनिट द्वारा जारी किए गए 'शो कॉज नोटिस' (SCN) के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। कंपनी ने 30 अक्टूबर 2026 को गुजरात हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस पूरे विवाद का मुख्य कारण 'Use or Pay Charges' पर GST लगाने की वैधता को लेकर है।
दांव पर कितनी बड़ी रकम?
टैक्स अधिकारियों ने कुल ₹283.72 करोड़ की रिकवरी की मांग की है। यह डिमांड दो अलग-अलग अवधियों के लिए है:
- FY 2022-23 और FY 2023-24: ₹262.61 करोड़
- FY 2024-25: ₹21.11 करोड़
इन आंकड़ों के अलावा, नोटिस में ब्याज और समान राशि की पेनल्टी भी शामिल है, जिससे कानूनी हार की स्थिति में कंपनी पर वित्तीय बोझ बढ़ सकता है।
मैनेजमेंट का रुख
कंपनी ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा है कि कानूनी ढांचे के मौजूदा आकलन के आधार पर यह मांग अनुचित है। मैनेजमेंट का साफ कहना है कि इस मुकदमेबाजी के बावजूद कंपनी के ऑपरेशन्स या कुल फाइनेंशियल नतीजों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
आगे क्या होगा?
निवेशकों की नजर अब गुजरात हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी है। बाजार यह देखेगा कि अदालत इस याचिका को स्वीकार करती है या नहीं और क्या कंपनी को इस दौरान कोई अंतरिम राहत (Interim Relief) मिलती है या नहीं।
